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हेमंत सोरेन ने कहा, विकास कार्य पूरी तरह ठप,  सभी चीजें भगवान भरोसे चल रही हैं

झामुमो ने किसानों के हित में सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाने का काम किया है.

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Dumka : झामुमो ने किसानों के हित में सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाने का काम किया है. बरसात का मौसम है, बारिश की क्या हालत है. यह आकलन किया जा सकता है. हालत यह है कि झाड़-जंगल तो होंगे लेकिन अनाज भरपूर नहीं होने की आशंका है. शायद सभी फसलें जानवरों के खाने के काम आये, किसानों के उपयोग में नहीं. वहीं सत्ताधारी दल बयानबाजी में लगे हैं. उक्त बातें पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कही. उन्होंने कहा कि बेवक्त बारिश, बारिश का कम होना और सरकार की उदासीनता से किसान दुःखी हैं. इस सब से उलट सरकार के मुखिया सुंदर बालाओं के साथ रैंप पर कैटवॉक करते नजर आ रहे हैं.

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राज्य के मुखिया मौज-मस्ती करने में मशगूल हैं

राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है. चिकेन गुनिया, निमोनिया, डेंगू जैसी गंभीर बीमारियां चिंताजनक हैं. अस्पताल में दवा नहीं है. इस नाजुक स्थिति में राज्य के मुखिया मौज-मस्ती करने में मशगूल हैं. हेमंत सोरेन ने कहा कि चुनावी वर्ष है. केंद्र से लेकर भाजपा शासित राज्य चुनावी रणनीति बनाने में लगे हैं. विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, सभी चीजें भगवान भरोसे चल रही हैं. सरकार के मंत्री एवं जनप्रतिनिधि विकास कार्य छोड़ बयानबाजी में उतरे हुए है. सरकार विकास छोड़ चुनाव की तैयारी में जुटी है.

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कावंरियों द्वारा राहगीरों को मारना, पीटना चिंता का विषय

उन्होंने हाल में कुछ कावंरियों द्वारा मचाये गये उपद्रव पर कहा कि सावन माह है. कावंरिये जत्थे के जत्थे निकल रहे हैं. निश्चित रूप से यह देश और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण त्योहार है. उन्होंने कहा कि विगत कई घटनाओं पर गौर करें तो भाजपा इस त्योहार को भी राजनीतिक रंग देने में जुटी हैं. कुछ कावंरियों द्वारा राहगीरों को मारना, पीटना चिंता का विषय है. उपराजधानी दुमका में सरकारी आंकड़े 50 फीसदी फसल होना दिखाते हैं. किसानों की मानें तो मात्र 30 फीसदी ही खेती हो सकी है. सरकार आंकड़े के बल पर अधिक खेती दिखा रही है. स्थानीय विधायक सह मंत्री डॉ लुईस मरांडी के विभाग द्वारा स्कूली बच्चों को सड़े हुए अंडे खिलाये जा रहे हैं. वर्तमान सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में संलिप्त है. सिर्फ धन उगाही में जुटी है. संपूर्ण विपक्ष सरकार की करतूतों पर कड़ी निगाह रखे हुए है.

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मसानजोर विवाद राजनीति से प्रेरित

आने वाले समय में एक-एक करतूतों से राज्य की जनता को अवगत करवाया जायेगा. मसानजोर विवाद पर कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है. डैम के पानी पर आधिपत्य की बात है. उनके कार्यकाल में केनाल की लाइनिंग की जा चुकी है. दो राज्यों के बीच का मसला बहुत पुराना है. जल की उपयोगिता पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है. केवल बयानबाजी एवं राजनीति की जा रही है. सरकार के मंत्री से लेकर अधिकारियों की भाषा से पता चलता है कि क़्या हो रहा है.

सरकार ही नहीं डीजीपी कहते हैं छह इंच छोटा कर देंगे. मंत्री बोलती है आंख निकाल लूंगी. मसानजोर विवाद ठेका और टेंडर को लेकर उत्पन्न हुआ है. भाजपा के बड़े नेताओं को ठेकेदारी नहीं मिलने के कारण विवाद खड़ा हुआ है. केंद्र और राज्य सरकार कार्यो को अंजाम तक पहुंचाना छोड़ बयानबाजी कर राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं. डैम में बिजली उत्पादन ठप पड़ा है.

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विस्थापितों की पहचान मिट जायेगी

सरकार को चाहिए कि विस्थापितों की सूची बनाकर उन्हें पुर्नस्थापित करें. आने वाले समय में विस्थापितों की पहचान मिट जायेगी. न ही उनके पास कोई पहचान पत्र होगा और न ही भविष्य में यहां के निवासी कहला सकेंगे. इधर सरकार लैड बैंक के माध्यम से जमीन का अधिकार समाप्त करने पर तुली है. भाजपा कार्यकर्त्ताओं की मेंटेंनेंस कार्य को लेकर बंगाल में दाल नहीं गली तो अपनी मांद में आकर हल्ला करने लगे. इस मामले में केंद्र सरकार को संज्ञान लेकर समाधान करना चाहिए था.

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  आने वाले समय में जनता अवश्य सबक सिखायेगी

गैर आदिवासी लोगों के जमीन हस्तांतरण विषय पर कहा कि मूल विषयों से भटकाने और चोरी छुपाने को लेकर रोज नये-नये एजेंडे लाये जा रहे हैं. यह सरकार जनविरोधी सरकार है, आने वाले समय में सबक जनता अवश्य सिखायेगी. सरकार बाहरी-भितरी और हिन्दू मुस्लिम कर बांटने की राजनीति कर रही है. पाकुड़ और साहिबगंज में एनआरसी के समर्थन पर हेमंत सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप् से गंभीर मुद्दा है. पहले सीएम को अपना आइडेंटिफिकेशन देना चाहिए कि वे कहां के हैं.

आदिवासी समुदाय के धर्म परिवर्तन कर आरक्षण के लाभ से वंचित रहने के सवाल पर कहा कि ऐसे विषयों को लाकर सरकार मनोवैज्ञानिक  रूप से आदिवासियों केा कमजोर करना चाहती है. अब सब का मन बन चुका है. लोकसभा या विधानसभा चुनाव हो. भाजपा को और अब चढ़ने का मौका राज्य की जनता नहीं देगी.

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