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सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में बोले हेमंत सोरेन- सभी थानों में हो ऑक्सीजन सिलिंडर, स्ट्रेचर और फर्स्ट इड किट की व्यवस्था

Ranchi : सड़क दुर्घटना में हो रही अधिक मौतों को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ा फैसला किया है. उन्होंने कहा है कि राज्य में हो रही सड़क दुघर्टनाओं में अधिकतर मौतें अत्यधिक खून बहने से हो रही हैं. ऐसे में जरूरी है कि इसे रोकने के लिए सभी जिलों के सभी थानों में मेडिकल किट की व्यवस्था हो. साथ ही घायलों को उठाने के लिए स्ट्रेचर और निर्बाध रूप से सांस लेने सहायता के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर होना चाहिए.

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सीएम ने इस व्यवस्था तो तत्काल ही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने ये निर्देश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में आला अधिकारियों को दिये हैं. बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज सिन्हा, सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरूण एक्का सहित कई अधिकारी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना कर्मियों को फर्स्ट एड के लिए प्रशिक्षण भी दें, ताकि समय रहते घायल का प्राथमिक उपचार हो सके. सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचानेवाले नेक व्यक्ति के खाते में तत्काल प्रोत्साहन राशि जारी करें. इसके लिए प्रक्रिया कतई लंबी नहीं होनी चाहिए.

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सड़क के बीच लगे होर्डिंग हटायें

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सड़क के बीच पोल या डिवाइडर में लगे होर्डिंग हटा दें. ये भी काफी हद तक सड़क हादसों की वजह बन रहे हैं. राज्य के लोग वाहन चलाते समय हाई बीम लाइट के उपयोग से बचें. जहां आवश्यक हो वहां हाईबीम लाइट का उपयोग किया जा सकता है. सड़कों पर लगने वाले येलो बिलिंकर में साउंड सिस्टम की व्यवस्था करें. इससे वाहन चालकों को सावधानी बरतने के प्रति जागरूक किया जा सकता है.

स्पीड लिमिट पर ध्यान दें, ट्रैफिक पार्क का निर्माण करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अपने वाहन निर्धारित गति में चलायें. यह सुनिश्चित होना चाहिए. इससे सड़क दुर्घटना में अवश्य कमी आयेगी. सड़क पर चलने वाले वाहन स्पीडगण की निगरानी में रहें, तो वाहन की गति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. रांची में ट्रैफिक पार्क के निर्माण की दिशा में कार्य करें. पार्क का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए. जहां लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ वे प्रशिक्षण भी ले सकेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइवे के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले साइन बोर्ड पर स्थानीय भाषा का भी उपयोग करें, जिससे राहगीरों को समझने में किसी तरह की परेशानी न हो.

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