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हेमंत सोरेन न राहुल गांधी से मिले और न ही लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग पर हुई कोई बात : जेएमएम

पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अभी कुछ तय नहीं किया हैः विनोद पांडेय

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Ranchi: झारखंड के कई मीडिया संस्थानों ने 12 अक्टूबर को खबर छापी थी कि जेएमएम की तरफ से हेमंत सोरेन ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की है. खबर में यह भी कहा गया था कि सीट शेयरिंग को लेकर राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के बीच बात हुई है. उसी दिन जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी और जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की थी. अब जेएमएम के महासचिव विनोद पांडे यह दावा कर रहे हैं कि मीडिया में आयी रिपोर्ट गलत है. पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात ही नहीं है. और न ही लोकसभा चुनाव को लेकर सीट शेयरिंग की बात किसी से हुई है. विनोद पांडे ने कहा कि पता नहीं मीडिया में कैसे यह खबर फैल गयी कि हेमंत सोरेन ने राहुल गांधी से मुलाकात की है. जबकि ऐसा कुछ था ही नहीं.

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विधानसभा की वजह से फंसा है लोस चुनाव का समीकरण !

न्यूज विंग से विशेष बातचीत में पार्टी के महासचिव विनोद पांडे ने कहा कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए कुछ तय ही नहीं किया है. अगर कुछ तय होगा तो मीडिया में पार्टी खुद ही जानकारी देगी. लेकिन ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है. एक सवाल के जवाब में श्री पांडे ने कहा कि विधानसभा का जिक्र करना इस वक्त कोई मायने नहीं रखता. मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि हेमंत सोरेन ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात नहीं की है. इधर लोकसभा चुनाव को लेकर झारखंड में राजनीति अपने परवान पर है. खास कर महागठबंधन की पार्टियों में काफी कौतुहल देखा जा रहा है. अंदरखाने की खबर है कि हेमंत लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन का हिस्सा बनने से पहले चाह रहे हैं कि उन्हें महागठबंधन सीएम का फेस घोषित करे. साथ ही यह आश्वसन अभी से उन्हें दे दिया जाए कि उनकी पार्टी को विधानसभा चुनाव में 40 प्लस सीटें लड़ने के लिए दी जाएगीं. कहा जा रहा है कि गठबंधन की तरफ से उनकी शर्त मान लेने के बाद ही पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन में शामिल होगी.

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7 कांग्रेस + 4 जेएमएम + 2 जेवीएम + 1 राजद = महागठबंधन का स्वरूप

लोकसभा चुनाव के लिए जेएमएम कहे ना कहे लेकिन सीट शेयरिंग का खाका तैयार कर लिया जा चुका है. थोड़ी बहुत नाराजगी पार्टियों के अंदर सीट शेयरिंग को लेकर चल रही है. लेकिन माना जा रहा है कि इसी समीकरण पर लोकसभा चुनाव में महागठबंधन चुनाव में उतरेगा.

कांग्रेस महागठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें लेने का दावा कर रही है. अभी तक जो समीकरण तैयार हुआ है उसके मुताबिक गोड्डा, धनबाद, चाईबासा, लोहरदगा, रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग पर कांग्रेस अपना दावा कर रही है.

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परंपरागत सीट लेना चाहता है जेएमएम

जेएमएम विधानसभा चुनाव को देखते हुए लोकसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहने को तैयार है. वो अपनी परंपरागत सीट लेना चाहता है. लेकिन चाईबासा सीट को लेकर फिलवक्त जेएमएम अपने पत्ते नहीं खोल रहा है. दिल्ली में राहुल गांधी से नहीं मिलने की वजह भी चाईबासा सीट बतायी जा रही है. अगर चाईबासा सीट की बात छोड़ दें तो दुमका, गिरिडीह और राजमहल सीट पक्की मानी जा रही है. चाईबासा और खूंटी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.

हालांकि समीकरण के मुताबिक जेवीएम को दो सीट दी जानी है. लेकिन जेवीएम शुरू से ही तीन सीटों के लिए महागठबंधन में जिद कर रहा है. कोडरमा से खुद बाबूलाल मरांडी चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं. चतरा फाइनल लिस्ट में शामिल है, लेकिन जेवीएम गोड्डा सीट के लिए भी जिद कर रहा है. राजद एक सीट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है. वो पलामू से अपना उम्मीदवार उतारना चाह रहा है.

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