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#JharkhandElectionResults: CM, डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद तक रह चुके हैं हेमंत सोरेन

Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव में गठबंधन को मिलती बढ़त के साथ हेमंत सोरेन का सीएम बनना लगभग तय हो गया है. हेमंत पहले भी राज्य के सीएम रह चुके हैं. वह राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं.

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हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1974 को गोला प्रखंड के नेमरा में शिबू सोरेन और रुपी सोरेन के दूसरे पुत्र के तौर पर हुआ.

हेमंत ने चुनावी हलफनामे में अपनी शिक्षा 12वीं पास दिखायी है. हालांकि उन्होंने बीआइटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई भी की है पर किसी कारण डिग्री कंप्लीट नहीं कर सके.

हेमंत राज्य के 9वें सीएम के तौर पर भी काम कर चुके हैं. इसके अलावा वे अर्जुन मुंडा की सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं.

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हेमंत सोरेन ने सबसे पहले 2005 में दुमका सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. जून 2009 में उन्हें पार्टी ने राज्यसभा भेजा. अपने बड़े भाई दुर्गा सोरेन की 2009 में हुई मौत के बाद वह पार्टी के वरीय पदों पर आ गये.

2010 में अर्जुन मुंडा की सरकार में डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली. 13 जुलाई 2013 से 26 दिसंबर 2014 तक हेमंत सोरेन ने राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया.

इसके बाद 2014 से लेकर अब तक झारखंड के नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राज्य की राजनीति के धुरंधर के तौर पर खुद को स्थापित किया.

हेमंत शाकाहारी हैं, पर मटन बनाने के शौकीन भी हैं. फोटोग्राफी और स्केचिंग भी उनकी पसंद में शुमार है.

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2005 के अपने पहले चुनाव में मिली हार, 2009 में बने राज्यसभा सांसद

चुनावी राजनीति में हेमंत का उदय 2005 में हुआ, जब उनके पिता शिबू सोरेन ने उन्हें दुमका सीट से चुनाव मैदान में उतारा. इस फैसले से पार्टी में विद्रोह के स्वर फूट पड़े और शिबू के काफी पुराने साथी स्टीफेन मरांडी ने जेएमएम छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत गये.

हेमंत को पहले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन चार साल के बाद समीकरण बदल गये, जब हेमंत सोरेन ने दुमका से जीत का परचम लहरा दिया और 6 बार के विधायक मरांडी तीसरे नंबर पर रहे.

इसके बाद हेमंत 2009 में छोटी सी अवधि के लिए राज्यसभा सांसद भी रहे. उसके बाद वे 2009 में चुनाव जीतकर आये और 2014 में दो सीटों पर दुमका और बरहेट से चुनाव लड़ा पर दुमका सीट से वो हार गये थे.
2019 के चुनाव में वे गठबंधन का चेहरा हैं. इन सालों में हेमंत ने बहुत ही कड़ी मेहनत से अपने आप को स्थापित कर लिया. वे अब राज्य की राजनीति के धुरंधर हो चुके हैं.

हेमंत सोरेन सन 2003 में पहली बार झारखंड छात्र मोर्चा के अध्यक्ष बने और छात्रों के हितों की जमकर पैरवी की जहां उनकी अलग पहचान बनी थी.

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इन पदों पर भी रहे हेमंत

उन्होंने राज्य के वित्त मंत्री, नगर विकास मंत्री, आवास, पेयजल, नागर विमानन एवं खान विभाग की जिम्मेदारी को भी निभाया है. इसके अलावा वो नेता प्रतिपक्ष भी हैं.

शिक्षा-दीक्षा

हेमंत सोरेन की प्रारंभिक शिक्षा बोकारो में हुई. इसके बाद 1990 में पटना के एम जी हाईस्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की. 1994 में उन्होंने पटना हाइस्कूल से इंटरमीडिएट पास किया.

बाद में रांची के बीआइटी मेसरा इंजीनियरिंग कॉलेज से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक के लिए नामांकन कराया पर डिग्री पूरी नहीं हो सकी.

कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने डिग्री पूरी की है, पर वो चुनावी हलफनामे में खुद को 12वीं पास ही बताते हैं.

पांच सालों में बढ़ी 11 गुना संपत्ति

2014 के विधानसभा चुनाव में अपनी कुल संपत्ति 3 करोड़ 50 लाख 76 हजार 527 रुपये, जबकि 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 73 लाख 57 हजार रुपये बतायी थी. 2009 के विवरण के हिसाब से हेमंत की संपत्ति 11 गुना से अधिक हो गयी है.

संक्षिप्त परिचय

पिता- शिबू सोरेन
माता- रुपी सोरेन
पत्नी- कल्पना सोरेन
बच्चे- अंश और निखिल
भाई- बसंत सोरेन
पंसदीदा भोजन- शाकाहारी हैं पर मटन बनाने के शौकीन भी
शौक- फोटोग्राफी और स्केचिंग

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