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हेमंत ने सीएम को भेजा लीगल नोटिस, कहा – “सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे सीएम“

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Ranchi : जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को एक लीगल नोटिस भेजा है. मुख्यमंत्री को यह नोटिस उन्होंने सीएम के उस आरोप पर भेजा है. जिसमें उन्होंने कहा था कि बरहेट विधायक हेमंत सोरेन ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर साहिबगंज के पतना में आलीशान घर बना चुके हैं. दुमका, बोकारो, रांची, धनबाद सहित कई स्थानों पर आदिवासियों की करीब 500 करोड़ की जमीन हड़पी है.

लीगल नोटिस भेजे जाने की जानकारी देते हुए हेमंत ने रविवार को अपने आवास पर प्रेस कॉफ्रेंस  कर कहा है कि नोटिस उन्होंने शनिवार को ही भेज दिया है. हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री को 7 दिन का समय देकर कहा है कि वे लिखित रूप से या सार्वजनिक रूप से अपने इस बयान को लेकर माफी मांगे. ऐसा नहीं करने पर वे कानूनी कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

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साहेबगंज में सीएम ने 500 करोड़ जमीन खरीदने की कही थी बात

गौरतलब है कि बीते 3 दिसंबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने साहिबगंज जिला में आयोजित जनता से सीधी बात जन चौपाल के दौरान हेमंत सोरेन पर बयान दिया था. सीएम ने कहा था कि हेमंत सोरेन ने राज्य के विभिन्न जगहों में लगभग 500 करोड़ की नियमों का उल्लंघन कर अवैध तरीके से जमीन खरीदा है.

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उन्होंने यहा तक कहा था कि भोले-भाले आदिवासियों को दिग्भ्रमित करने वाली जेएमएम परिवार को सबक सिखाने की जरूरत है. उनकी सरकार ऐसे 500 करोड़ की अवैध जमीन अपने नाम करने वाले भ्रष्टाचारियों को जल्द होटवार जेल के सलाखों में भेजेगी.

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सीएम के साले भी आरोपी, कोर्ट में हुई है याचिका दायर

प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री के साले को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर भी उनको घेरा. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के सोनारी में रहनेवाले मनीष दास ने सीएम के साले खेमराज साहू के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. पीड़ित ने कोर्ट से गुहार लगायी है कि खेमराज साहू बार-बार उसे यातनायें दे रहे हैं, जिससे उसकी हालत पस्त हो गयी है. अब न्यायालय उसे न्याय दिलायें.

याचिका में मनीष दास ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान खेमराज साहू ने 15 लाख रूपये देकर उसके मकान को सिक्यूरिटी के तौर पर रखा था. अब जब वह पैसा लौटाना चाहता है तो खेमराज साहू पीड़ित को यातनायें देकर पैसे के बदले में घर की डिमांड कर रहा है.

याचिका में लिखा है कि खेमराज साहू किसी न किसी प्रकार से उसके घर को हथियाना चाहता है. यहां तक की खेमराज कभी उसे टेलीफोन पर धमकी देता है, तो कभी वह 200 आदमी को लेकर घर पर आ धमकता है. यहां तक स्थानीय पुलिस भी उसकी मदद नहीं करती.

हिम्मत है तो एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करती बीजेपी

सोरेन परिवार पर सीएनटी-एसपीटी का उल्लंघन कर जमीन खरीदने के लगातार लगाये जा रहे मुख्यमंत्री के बेबुनियाद आरोप पर नाराजगी जताते हुए, हेमंत सोरेन ने सरकार को सीधी चुनौती दी. हेमंत सोरेन ने कहा कि रघुवर सरकार ने 2015 में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव देवाशीष गुप्ता की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था.

लेकिन आज तक सरकार एसआईटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं की और सिर्फ राजनीति कर रही है. अगर सरकार में हिम्मत है कि वे सीएनटी उल्लंघन के पूरे मामले की सीबीआई से जांच करायें. साथ ही कहा कि चाहे हेमंत सोरेन हों या कोई, जो भी दोषी है, उसे सजा दिलायें.

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