DumkaJharkhandMain Slider

दुमका में बोले हेमंत- एसटी को 28, एससी को 12 और ओबीसी को 27 फीसदी देंगे आरक्षण, अगले एक महीने में 10 हजार लड़कियों को नौकरी

  • मुख्यमंत्री ने बाबूलाल से पूछा- बीजेपी क्या चाहती है, जैसे एक छत्तीसगढ़िये ने राज्य में लूट मचायी, वैसे को ही संथाल से चुनाव लड़ायें!

Dumka : दुमका विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर क्षेत्र के दौर पर पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में एसटी-एससी और ओबीसी के आरक्षण में बदलाव करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में ओबीसी को मिल रहे 14 प्रतिशत आरक्षण को 27 प्रतिशत, एसटी को 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत और एससी को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है.

Jharkhand Rai

इसे भी पढ़ें – कर्जदारों को तोहफा: EMI छूट नहीं लेनेवालों को मिलेगा कैशबैक, जानिये किसे मिलेगा लाभ

बाबूलाल समेत बीजेपी पर गरजे हेमंत

बीजेपी और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर बड़ा हमला बोला है. हेमंत ने बाबूलाल मरांडी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक संथाली आदिवासी ही संथाल क्षेत्र से क्यों चुनाव लड़ता है. इस पर हेमंत सोरेन ने बाबूलाल से पूछा है कि आखिर बीजेपी चाहती क्या है. क्या वह संथाल क्षेत्र से किसी छत्तीसगढ़िये को चुनाव लड़ाना चाहती है?

हेमंत ने कहा कि राज्य की जनता देख चुकी है कि जब एक छत्तीसगढ़िये को जब सत्ता मिली, तो उसने झारखंड में कैसी लूट मचायी. उपराजधानी स्थित शिबू सोरेन के आवास पर मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग दल बदलते हैं, चुनाव चिह्न बदलते हैं, झंडे का रंग बदलते हैं, यह सबने देखा. लेकिन, यह पहली बार देखा है कि व्यक्ति की सोच की प्रतिबद्धता भी बदल जाती है. इस दौरान गुरुजी पर बीजेपी नेताओं द्वारा लगाये आरोप पर हेमंत ने सवाल पूछा कि बीजेपी बताये कि उसके कितने नेताओं ने झारखंड आंदोलन के लिए लड़ाई लड़ी है.

Samford

इसे भी पढ़ें – गिरिडीह : सरिया की जूता-चप्पल दुकान में लगी आग, पांच लाख का स्टॉक जलकर राख

वोट का बिखराव हो, इसलिए बीजेपी ने निर्दलीय प्रत्याशी भी खड़े किये हैं

हेमंत ने कहा कि बीजेपी ने इन उपचुनावों में कुछ लोगों को योजनाबद्ध रूप से निर्दलीय रूप में भी खड़ा कर रखा है, ताकि येन-केन-प्रकारेण वोट का बिखराव किया जा सके. उन्होंने कहा कि जब ऐसे प्रत्याशी से आप पूछेंगे, तो वे बतायेंगे कि उन्हें सुनियोजित तरीके से खड़ा किया गया है. इस दौरान कांग्रेस कोटे से मंत्री बादल पत्रलेख, महागमा विधायक दीपिका पांडेय सिंह, जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी, बोरिया विधायक लुबिन हेब्रम, लिट्टीपाड़ा विधायक सहित गठबंधन के कई सहयोगी नेता उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें – मोदी सरकार की इस ‘हरकत’ के खिलाफ हेमंत सरकार के साथ खड़ा हुआ चैंबर, केंद्रीय मंत्री से कहा- एक बार सोच लें

बीजेपी को कटघरे में खड़ा करनेवाले बाबूलाल आज उसी के लिए मांग रहे वोट

प्रेस वार्ता में हेमंत ने बीजेपी प्रदेश स्तर के कई नेताओं पर हमला बोला. किसी का नाम नहीं लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बीजेपी के कई दिग्गज, मंझौले और छोटे नेता उपचुनावों में घूम रहे हैं. इसमें कुछ केंद्रीय मंत्री, कुछ राज्यस्तरीय बड़े नेता और कुछ राष्ट्रीय स्तर के भी बडेज नेता हैं. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से चुनाव लड़ चुके बाबूलाल मरांडी उपचुनाव में बीजेपी के स्टार प्रचारक हैं. चंद महीने पहले जो बाबूलाल बीजेपी की कई बातों को कटघरे में खड़ा करते थे, आज वही बाबूलाल किस सोच से जनता के बीच जाकर वोट मांग रहे हैं, यह सोच से परे हैं.

इसे भी पढ़ें – पलामू: दुर्गा पूजा देखने के बहाने साथ ले जाकर दोस्तों ने की थी अर्जुन की हत्या, दो गिरफ्तार- हथियार बरामद

बाबूलाल बतायें सीएनटी-एसपीटी पर क्या है उनकी सोच

हेमंत ने बाबूलाल से पूछा है कि आखिर उन्हें बीजेपी में ऐसा क्या परिवर्तन दिखा है, जो वह बीजेपी प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे हैं. बाबूलाल को बताना चाहिए कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट को लेकर उनकी क्या सोच है. झारखंड मोमेंटम में हुई लूट पर उनकी सोच है. छोटे-छोटे मुकदमों में जेल में बंद आदिवासी-दलितों को लेकर उनकी सोच क्या है? फर्जी तरीके से पूर्व की सरकार ने नौकरी दिलाने के नाम पर जिन्हें नक्सली घोषित किया, उन पर क्या सोच है? मैनहर्ट घोटला, जमीन घोटाला और कंबल घोटाला में उनकी राय क्या है? गरीबों, दलितों और आदिवासियों के लिए आवाज उठानेवाले स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी पर उनकी क्या राय है?

इसे भी पढ़ें – गिरिडीहः नेशनल हाईवे में दो ट्रकों के सीधी टक्कर में एक चालक की मौत, घटनास्थल पर लगा लंबा जाम

अगले एक माह में 10 हजार लड़कियों को देंगे काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज झारखंड की हजारों बहू-बेटियां दूसरे राज्यों में जबरन बंधुआ मजदूर बनकर काम कर रही हैं. ह्यूमन ट्रैफ्रिकिंग की शिकार बच्चियों की स्थिति काफी खराब है. ऐसे मंू उनकी सरकार ने इनकी घर वापसी का बीड़ा उठाया. पिछले दिनों तमिलनाडु में काम कर रहीं ऐसी लड़कियों की घर वापसी करायी गयी. जहां उन्हें 7000 रुपये वेतन मिलता था, आज अपने राज्य में उन्हें 10000 की नौकरियां दी गयीं. इस दौरान हेमंत ने अगले एक माह के अंदर लगभग 8000 से 10000 लड़कियों को काम दिलाने की बात कही. इसकी कार्ययोजना तैयार हो चुकी है. हेमंत ने कहा कि ऐसी लड़कियों में संथाल की लड़कियां शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें – कोडरमा : सोशल मीडिया पर जिप अध्यक्ष की बनायी मां दुर्गे की इस पेंटिंग को खूब मिल रहे हैं लाइक

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: