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केंद्र से मदद नहीं मिलने के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रही हेमंत सरकार, छल के शिकार हो रहे किसानः रणधीर सिंह

Ranchi : सारठ विधायक औऱ पूर्व कृषि एवं पशुपालन मंत्री रणधीर सिंह ने राज्य सरकार को धोखेबाज बताया है. गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार एक साल में किसान हित के नाम पर अब तक सभी को ठगती रही है.

केंद्र से मदद नहीं मिलने के नाम पर लगातार झूठ बोलती आय़ी है. सालभर में ही इस सरकार को केंद्र से 136 करोड़ रुपये से भी अधिक मिले. पर वह 15 करोड़ 96 लाख ही खर्च सकी.

यहां तक कि सरकार ने कृषि सेक्टर के लिए 2020-21 के लिए 3362 करोड़ 78 लाख का बजट तय किया था. पर लगभग 9 प्रतिशत ही वह व्यय कर पायी है. लोन माफी औऱ दूसरे विषयों पर भी वह सिर्फ ठगने में लगी है.

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किसानों से लोन माफी के नाम पर मजाक

रणधीर सिंह ने कहा कि रघुवर सरकार में किसान हित के लिए कई प्रयास हुए थे. पर उसकी कई स्कीमों को ही बंद कर दिया गया या फाइलों में उलझा कर रख दिया गया है. इससे केंद्र सरकार की 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य फेल हो जायेगा.

झामुमो और कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किसान हित के बड़े-बड़े दावे किये थे. सब झूठ का पुलिंदा साबित हो रहे हैं. केंद्र सरकार के द्वारा दिये जा रहे किसान सम्मान योजना से 28 लाख 63 हजार 232 किसानों को लाभ मिल रहा था.

पर वर्तमान सरकार के कारण इनमें से 6 लाख 32 हजार किसानों को इसका लाभ नहीं मिल सका है. महागठबंधन सरकार ने 2 लाख रुपये तक के लोन माफी की घोषणा की थी. पर अब एक परिवार में मात्र एक सदस्य के ही लोन माफी की बात हो रही. इस हिसाब से पौने चार लाख किसानों को ही लोन माफी का लाभ मिलेगा.

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बीपीएल महिलाओं के साथ छल

रघुवर सरकार में बीपीएल परिवार की महिलाओं को 90 फीसदी अनुदान पर दुधारू गाय दी जाती थी. पर वर्तमान सरकार ने अब 50 फीसदी की सीमा तय कर दी है जो गरीब परिवार के लिए कठिन है. राज्य में 260 प्रखंडों में से अगर हरेक में 2-2 धान क्रय केंद्र खोले जाते तो 520 सेंटर होते. पर राज्य में मात्र 398 सेंटर ही खोले गये हैं.

राज्य में हर जिले में एक कोल्ड स्टोरेज खोलने की पहल रघुवर सरकार में हुई थी. 16 जिलों में स्टोरेज का प्रस्ताव फाइनल हो गया था पर इस पर भी आगे काम नहीं हुआ. मछुआरों को आवास, पिक अप वैन, आइस बॉक्स औऱ दूसरी सुविधाएं दी जा रही थीं. सब बंद कर दिया गया है.

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