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महाराष्ट्र मॉडल से पैसे की उगाही का जरिया ढूंढ़ रही हेमंत सरकार : बाबूलाल मरांडी

Ranchi: पूर्व सीएम और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाये. प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य में पैसा उगाही के लिये महाराष्ट्र मॉडल को अपनाने में राज्य सरकार लगी है. पहले हेमंत सरकार कोयला, बालू, आयरन ओऱ, पत्थर से पैसे वसूल रही थी. अब वह कमाई के नये क्षेत्र ढूंढ़ रही है. महाराष्ट्र के सीएम के बेटे आदित्य ठाकरे को इस साल फरवरी माह यहां के सीएम ट्विटर पर फॉलो कर रहे हैं. वहां की सरकार के एक मंत्री अनिल देशमुख अवैध तरीके से पैसा कमाई के फेर में फंसे हुए हैं. पुलिस अधिकारी परमवीर सिंह ने महाराष्ट्र सरकार पर पैसे की उगाही का गंभीर आरोप लगाया था. अब झारखंड के सीएम भी महाराष्ट्र की तर्ज पर नाजायज तरीके से पैसा कमाने का फॉर्मूला सीख रहे हैं.

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विधायकों की खरीद फरोख्त की हो जांच

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड पुलिस के स्पेशल ब्रांच को पता नहीं कहां से सूचना मिली कि कुछ लोग पैसे लेकर सरकार गिराने निकले हैं. इसी आधार पर रांची में एक होटल से 3 लोगों के गिरफ्तारी की खबर सामने आयी है. ऐसे ही कुछ दिनों पहले हवाला कारोबारियों के मामले में 22 जगहों पर छापेमारी की गयी थी जिसमें 22 रुपये भी नहीं मिले थे. इसी तरह जिन तीन लोगों को राजद्रोह, देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, उसके बारे में कायदे से ना तो सरकार और ना ही पुलिस प्रशासन सामने आकर ठीक के कुछ बता रहा. एक मामूली सा प्रेस ब्रीफ पुलिस ने 24 जुलाई को जारी किया था जबकि डीजीपी या स्पेशल ब्रांच के एडीजी को सामने आकर बात रखनी चाहिये थी. इस मामले की सत्यता सामने लाने को सरकार हाईकोर्ट के सीटिंग जज की अध्यक्षता में एसआइटी गठित करे. दोषियों को कानून के दायरे में लाये.

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गरीब गुरबे पर कानून का डंडा

बाबूलाल ने कहा, विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में निवारण महतो, अमित सिंह और अभिषेक दुबे की गिरफ्तारी की खबर है. उनके परिजनों ने 24 जुलाई को पुलिस से वास्तविकता बताने का आग्रह किया पर सहयोग नहीं मिला. उनके पास परिजनों ने रात 9 बजे मिलकर सारी जानकारी दी. 22 जुलाई की देर रात बोकारो पुलिस ने निवारण महतो को पूछताछ के नाम पर घर से उठा लिया था. 23 की सुबह जब उसके परिजन थाना गये तो वहां अमित सिंह को भी देखा. इसके बाद पुलिस एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो में दोनों को लेकर चली गयी. तबसे दोनों का पता नहीं था.

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निवारण महतो फल विक्रेता हैं तो अमित सिंह दिहाड़ी मजदूर. दुबे के पिता की छोटी मोटी दुकान होने की सूचना है. सरकार ऐसे लोगों को तुरंत रिहा करे और एसआइटी से जांच कराये. साथ ही पुलिस प्रशासन को चाहिये कि वह किसी पार्टी का टूल ना बने, कानून की रक्षा करे. सरकार को चाहिये कि वह भी इस मामले में गंभीरता दिखाये. इस तरह की परंपरा से कल को पुलिस किसी के भी घर में कभी भी आकर पकड़कर ले जा सकती है. मनमाना केस दर्ज कर सकती है.

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