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हेमंत के सॉफ्ट रुख से आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों को मिल सकती है बड़ी राहत

Ranchi :  अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से राजधानी के मोरहाबादी मैदान में आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सॉफ्ट रुख अपनाया है.

कोरोना काल में सरकार के आदेश को ताक पर रख आंदोलनकारी जिस तरह से धरने पर बैठे हैं, उसे नजरअंदाज कर सीएम हेमंत सोरेन पहले ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर चुके हैं. अब सीएम ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमिटी के तहत इन सहायक पुलिसकर्मियों को शामिल कर इन्हें काफी राहत देने का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है.

बताया जा रहा है कि कमिटी की रिपोर्ट में इन आंदोलनकारियों के हित में काफी राहत वाले निर्णय लिये जा सकते हैं.

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वेतन और अनुबंध बढ़ाने के लिए सरकार तैयार, आंदोलनकारी स्थायीकरण पर अड़े

राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर बीते शनिवार को पेयजल मंत्री मिथलेश ठाकुर ने खुद मोरहाबादी मैदान जाकर इन आंदोलनकारियों से मुलाकात की थी.

मुलाकात में मंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार सहायक पुलिसकर्मियों के मानदेय बढ़ाने, तीन साल तक उनके अनुबंध का विस्तार करने और पुलिस नियुक्ति में उन्हें प्राथमिकता देने को तैयार है. हालांकि आंदोलनकारी सहायक पुलिसकर्मी इन राहतों के विपरित अपने स्थायीकरण की मांग पर अड़े है.

स्थायीकरण की मांग सही नहीं, नियुक्ति में ही था इसका जिक्र

आंदोलनरत कर्मिंयों के स्थायीकरण की मांग पर हेमंत सरकार किसी भी तरह से जायज नहीं मानती है. यह बात तो मंत्री मिथलेश ठाकुर ने रविवार को अपने बयान में ही संकेत कर दिया था, जब उनसे वार्ता करने कुछ आंदोलनकारी उनके आवास पर पहुंचे थे.

मंत्री ने कहा था कि इनका आंदोलन किसी भी तरह से जायज नहीं है. यह आंदोलन अवैध और गैर-कानूनी है. दूसरी तरफ नियुक्ति के दौरान सहायक पुलिसकर्मियों को बताया गया था कि वे स्थायीकरण का दावा नहीं कर सकते.

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विकास आयुक्त की समिति से भी काफी रियायत मिलने की हो रही बात

सीएमओ से मिल रही जानकारी के मुताबिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी रिपोर्ट में इन आंदोलनकारी कर्मियों को काफी राहत दिये जाने की जानकारी मिल रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने व्यक्तिगत रूप से इनके मांगों पर संज्ञान लेते हुए कमिटी में सहायक पुलिसकर्मियों के मांगो को शामिल कर लिया है.

बता दें कि यह समिति राज्य में कार्यरत कई अनुबंध-संविदा कर्मियों की सेवा शर्तों में सुधार और इनके किये जा रहे मांगों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौपेंगी.

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