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हेमंत सरकार गरीबों और बेरोजगारों की, जनता की भलाई ही मुख्य उद्देश्य : आलमगीर आलम

  • ग्रामीण विकास मंत्री से मिले पंचायत स्वयं सेवक, लंबित मांगों को पूरा करने की मांग

Ranchi : पंचायत सचिवालय स्वयं सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल की ओर से पंचायत स्वयं सेवकों की लंबित मांगों की जानकारी मंत्री को दी गयी.

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मंत्री आलमगीर आलम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वास्त करते हुए कहा कि सरकार पंचायत स्वयं सेवकों की मांग पूरा करेगी. आलमगीर आलम ने कहा कि हेमंत सरकार गरीबों और बेरोजगारों की है. ऐसे में जनता की भलाई सरकार का मुख्य उद्देश्य है.

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पंचायत स्वयं सेवक पिछले कुछ सालों से लगातार आंदोलनरत हैं. ऐसे में सरकार की ओर से इनकी मांग पूरी की जायेगी. हालांकि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ले कार्रवाई करने की बात कही. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य स्तरीय पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक संघ के अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने की.

इनकी प्रमुख मांगों में पंचायत सचिवालय स्वयंसेवकों का स्थायीकरण, राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग सेल का गठन और झारसेवा के तहत पंचायत स्वयं सेवकों से काम लेना शामिल है.

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राज्य में 18 हजार हैं पंचायत स्वयं सेवक

राज्य में पंचायत स्वयं सेवकों की नियुक्ति साल 2016 में पूर्व सरकार की ओर से की गयी. पंचायत स्वयं सेवकों प्रोत्साहन राशि देना तय हुआ था. राज्य में इनकी कुल संख्या 18 हजार है. साल 2018 से लगातार पंचायत स्वयं सेवकों ने अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन किया.

पिछले वर्ष 27 फरवरी को प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से पंचायत स्वयं सेवकों की लगभग डेढ़ घंटे वार्ता हुई. जिसमें मुख्यमंत्री ने दस दिन के भीतर पंचायत स्वयं सेवकों को बकाया भुगतान करने की बात की थी. भुगतान डीसी के माध्यम से होना था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ये प्रोत्साहन राशि वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन बनाने के लिए दस रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के 1200, राशन कार्ड बनाने के दस रुपये हैं.

स्थायीकरण करे सरकार : चंद्रदीप कुमार

संघ के अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि पूर्व सरकार ने पंचायत स्वयं सेवकों से काम तो लिया लेकिन प्रोत्साहन राशि तक नहीं दे पायी. वर्तमान सरकार ने वायदा किया था कि बेरोजगारों को भत्ता देगी. ऐसे में ग्रामीण विकास मंत्री से मांग की गयी कि पंचायत स्वयं सेवकों को राज्य में पहले स्थायी किया जाये. इसके साथ ही इनके मानदेय या वेतनमान की व्यवस्था की जाये. चंद्रदीप ने कहा कि बकाया भुगतान की उम्मीद पंचायत स्वयं सेवकों ने छोड़ दी है. चंद्रदीप ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंचायत स्वयं सेवकों से काम लिया जा रहा है.

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