JharkhandLead NewsRanchi

किसान कल्याण के नाम पर 2 सालों से झूठ और लूट मचा रही हेमंत सरकार, कृषि बजट के आधे पैसे भी नहीं हुए खर्चः रणधीर सिंह

Ranchi : सारठ विधायक और पूर्व कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कृषि, पशुपालन विषय पर राज्य सरकार को नकारा बताया है. गुरुवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि किसानों के कल्याण के नाम पर हेमंत सरकार पूरी तरह फेल है. विभागीय मंत्री बादल पत्रलेख की अपने विभाग और अधिकारियों पर पकड़ ही नहीं है. पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के समय सीएम कृषि आशीर्वाद योजना के तहत मिलनेवाले लाभ को पहली ही कैबिनेट में हेमंत सरकार ने बंद कर दिया. 2 लाख तक कृषि लोन माफ करने की बात करने वाली सरकार 50 हजार की सीमा पर ही अटक गयी. 11 लाख में से 4 लाख किसानों को ही अब तक सरकार ढूंढ़ सकी है. केंद्र की ओर से किसान सम्मान निधि के तहत 6000 रुपये सालाना दिया जा रहा. वर्तमान सरकार ने 4 लाख किसानों के नाम इस सूची से हटा दिये हैं. सरकार पूरी तरह से ममता सरकार की राह पर है. किसानों को मदद के नाम पर उन्हें बीच भंवर में छोड़ दिया जा रहा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें : आयुक्त ने की ग्रीन संजीवनी की लांचिंग, घर तक पहुंचेगा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

40 फीसदी राशि भी खर्च नहीं

Catalyst IAS
ram janam hospital

रणधीर सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 तक (31 दिसंबर, 2019) कृषि विभाग के निर्धारित बजट का 40 फीसदी से अधिक खर्च हुआ. पर 31-12-20 में यह 4.20 प्रतिशत और 31 दिसंबर, 2021 तक 38.64 प्रतिशत ही खर्च हो सका. मतलब 40 फीसदी राशि भी जारी वित्तीय वर्ष में व्यय नहीं किया जा सका है.
राज्य में 11 लाख से अधिक किसान हैं. पर राज्य सरकार के स्तर से लोन माफी का लाभ नहीं मिल पाने से 4 लाख से ज्यादा किसानों का खाता एनपीए हो गया है. किसान कर्जदार होते जा रहे हैं. 7 लाख से अधिक किसान लोन माफी के इंतजार में बैठे हैं.

The Royal’s
Pushpanjali
Sanjeevani
Pitambara

बीज वितरण के लिए हेमंत सरकार ने 25 करोड़ का बजट रखा. इसमें से 3.30 करोड़ का ही उपयोग हो पाया है. बंजर भूमि राइस तालाब जीर्णोद्धार योजना के लिए 210 करोड़ में से एक रुपये भी खर्च नहीं किया जा सका है. इसी तरह तालाब पुनरोद्धार योजनाओं पर 360 करोड़ का बजट तय किया जिसमें से एक प्रतिशत भी व्यय नहीं हुआ है. इससे किसानों के सामने सिंचाई सुविधाओं का संकट बना हुआ है.

कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत 75 करोड़ रुपये तय किये. इसमें भी एक प्रतिशत तक नहीं खर्च हुआ. ओफाज योजना के जरिए राज्य में ऑर्गेनिक कृषि को प्रोत्साहित करने की योजना है. रघुवर सरकार में सिक्किम, इजरायल के दौरे पर किसानों को भेजा गया था. 150 करोड़ रुपये सरकार ने इस योजना के लिए रखे हैं जिसमें से 34 लाख रुपये ही खर्च कर सकी है.

इसे भी पढ़ें : कानीमोहली स्टेशन का 19वां स्थापना दिवस मनाया गया

शोध प्रशिक्षण के लिये 52 करोड़ रुपये रखे गये हैं. पर इसमें से एक रुपया भी बिरसा एग्रीकल्चर और अन्य को रिलीज नहीं किया गया है. बिरसा ग्राम विकास योजना के तहत 61 करोड़ में से खर्च शून्य है. इसी तरह केंद्र से राष्ट्रीय बागवानी मिशन, पीए कृषि सिंचाई योजना और अन्य योजनाओं पर व्य्य के मामले में रिकॉर्ड खराब है.

Related Articles

Back to top button