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बेबस और लाचार डीवीसी प्रबंधन : तीन वर्ष बाद भी प्रबंधन के आदेश का नहीं हुआ अनुपालन

तीन वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भी उसे अमल में नहीं लाया जा सका है.

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Bermo : पब्लिक सेक्टर की संस्थान डीवीसी के बोकारो थर्मल प्रबंधन अपने द्वारा ही निर्गत किसी भी नोटिस या आदेश को अनुपालन करवाने में कितना बेबस एवं लाचार है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भूसंपदा विभाग द्वारा केंद्रीय बाजार के दूकानदारों को नोटिस निर्गत करने के तीन वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भी उसे अमल में नहीं लाया जा सका है.

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दुकानों के आगे का बरामदा भी अतिक्रमित

डीवीसी बोकारो थर्मल के केंद्रीय बाजार में प्रबंधन द्वारा दुकानों के लिए दुकानदारों को जमीन आबंटन कराया गया था. उससे अलग हटकर ज्यादातर दुकानदारों ने दुकानों के आगे का बरामदा भी अतिक्रमित कर शटर लगा लिया है. दुकानदारों की इस प्रकार की दुःसाहसिक कार्रवाई पर तत्कालीन प्रोजेक्ट हेड प्रमोद कुमार ने डीवीसी के भूसंपदा पदाधिकारी तथा डीजीएम के साथ बाजार का निरीक्षण कर तत्कालीन डीजीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिया था कि सभी दुकानदारों को अतिक्रमित किए गए बरामदे के एवज में बतौर जुर्माना की राशि 5 हजार रुपया जमा करने तथा एक सप्ताह के अंदर अतिक्रमित बरामदे को तोड़ने की नोटिस दिया जाय.

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राशि माफ करने संबंधी पत्र

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प्राजेक्ट हेड के निर्देश पर सभी दुकानदारों को भूसंपदा पदाधिकारी ने नोटिश जारी किया था. नोटिश जारी किए जाने के लगभग तीन वर्ष से भी ज्यादा समय होने के बाद किसी भी दुकानदार ने ना तो जुर्माना की राशि जमा की और ना ही अतिक्रमित बरामदे को ही तोड़ा. वैसे दुकानदारों ने भूसंपदा पदाधिकारी से मिलकर अतिक्रमित बरामदे को भी आबंटन कर जुर्माना की राशि माफ करने संबंधी पत्र दिया था. दुकानदारों का उपरोक्त पत्र कार्रवाई के लिए डीजीएम के पास भेजा गया है. जिस पर तीन वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है. दूसरी ओर प्रबंधन के उदासीन रवैये को देखते हुए बाजार के बाकी दुकानदारों के द्वारा भी बरामदे को घेरने की कार्रवाई लगातार की जा रही है और प्रबंधन मूकदर्शक बना हुआ है.

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दिक्कतों का सामना कर रहे हैं आम लोग

दुकानदारों के द्वारा बरामदा घेर लेने के कारण बाजार आने वाले लोगों को आवाजाही एवं खरीददारी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. डीवीसी के डीजीएम पीके सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है. पूर्व में यदि ऐसा आदेश पारित किया गया है तो डीवीसी के हित में जुर्माना की राशि दुकानदारों से जमा करवायी जाएगी. उन्होंने कहा कि दुकानदारों द्वारा बरामदा घेरने की बात उनके संज्ञान में आने पर भूसंपदा पदाधिकारी को भेजकर कार्रवाई की जा रही है. जबकि भूसंपदा पदाधिकारी एनके राम का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

 

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