JharkhandLead NewsNEWSRanchiTOP SLIDER

7th Jpsc की सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा निर्धारण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई टली, कल फिर सुनवाई

Ranchi: सुप्रीम कोर्ट में जेपीएससी की सातवीं सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा निर्धारण मामले की सुनवाई आज किसी कारणवश टल गई. अब मामले की सुनवाई कल होगी. अदालत में  झारखंड सरकार को जवाब दायर करके यह बताना होगा कि पिछले 5 सालों मे उसने एक बार भी जेपीएससी की परीक्षा क्यों नहीं ली? क्या वह अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में एक बार छूट दे सकती है?

Advt

 

बता दें कि इससे पहले 13 सितंबर को इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई थी. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए उक्त सवालों के जवाब 21 सितंबर तक दाखिल करने का निर्देश दिया था. मालूम हो कि 13 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट में झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका पर भी सुनवाई हुई थी, जिसमें सरकार की ओर से निर्धारित की गई उम्र सीमा को सही बताया गया है.

इसे भी पढ़ेंःJharkhand News: 24 सितंबर से छठी से 8वीं कक्षा के बच्चे जा पाएंगे स्कूल, जानें-किन गाइडलाइन का करना होगा पालन

हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ चार से अधिक अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रार्थी रीना कुमारी, अमित कुमार समेत अन्य की याचिका पर पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने नियमावली बनाने से पूर्व के पदों को भी नए विज्ञापन में शामिल कर लिया है. नए विज्ञापन में उम्र सीमा का निर्धारण नए तरीके से लागू है. सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर नियमों को बदला है. आधिकारिक आदेश से नियमों के प्रावधानों को नहीं बदला जा सकता है. जेपीएससी 21 साल में सिर्फ छह परीक्षाएं ही ले पाया है. इस परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को काफी उम्मीदें थीं जो पूरी नहीं हो रही है. इस पर कोर्ट ने मौखिक कहा कि हम आपकी परेशानी समझ रहे हैं, लेकिन निर्धारण सरकार का निर्णय है.

 

हाईकोर्ट ने सरकार के निर्णय को सही बताया

हाईकोर्ट में सरकार के उम्र सीमा के निर्धारण को चुनौती दी गयी थी. इसमें प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया था कि नियमानुसार जेपीएससी को हर साल परीक्षा आयोजित करनी थी. पूर्व में जेपीएससी की ओर से निकाले गए विज्ञापन में उम्र सीमा का निर्धारण वर्ष 2011 रखा गया था, लेकिन इसे वापस लेते हुए दोबारा संशोधित विज्ञापन जारी किया गया. इसमें उम्र का निर्धारण वर्ष 2016 कर दिया गया. पांच वर्ष उम्र अधिक होने की वजह से हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं. जबकि सरकार का कहना था कि पहले जेपीएससी परीक्षा के लिए कोई नियमावली नहीं थी. अब सरकार ने नियमावली बनायी है और उसी के तहत परीक्षा ली जा रही है. नियमावली के अनुसार 2021 से हर साल परीक्षा ली जाएगी.  2016 के बाद जेपीएससी की परीक्षा 2021 में ली जा रही है तथा उम्र सीमा का निर्धारण 2016 से किया जा रहा है.

Advt

Related Articles

Back to top button