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स्वास्थ्‍य सचिव ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए व्यवस्था दुरूस्त करने का निर्देश

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Ranchi: स्वास्‍थ्‍य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने रविवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई निर्देश दिए. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में मरीजों के आने के कारण रिम्स का भार कम हुआ है. उन्होंने कहा कि यहां चिकित्सकों और अन्य कर्मियों का काम अच्छा है. लेकिन कुछ  बातों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. स्वास्थ सचिव ने कहा कि सदर अस्पताल में बेड की संख्या 200 से बढ़ाकर 250 करने की जरूरत है.

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नेत्र रोग से ग्रसित मरीजों के लिए कॉर्निया ट्रांसप्लांट जल्द

प्रधान सचिव निधि खरे ने कहा कि अभी कुछ समय पहले नेत्र चिकित्सा का नया विंग शुरू किया गया है. इसमें ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि कैटरेक्ट ऑपरेशन सालों भर हो सके. उन्होंने कहा कि अंधापन से ग्रसित लोगों की कॉर्निया ट्रांसप्लांट की व्यवस्था यहां हो सके इसके लिए काम करना होगा. अगर सदर अस्पताल में ऐसी व्यवस्था नहीं हो सकती है तो ऐसी व्यवस्था करनी होगी या फिर पीएमसीएच में ऐसी सुविधा दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि इस स्क्रिनिंग करना बहुत जरूरी है.

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फैमिली प्लानिंग काउंसलर की होगी नियुक्ति

किसी के परिवार में बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा है. लोगों के पांच-छह बच्चे भी हैं. एडवोकेसी के अभाव के कारण लोग सही निर्णय नहीं ले पा रहे हैं. इसे देखते हुए फैमिली प्लानिंग काउंसलर और एडवोकेसी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.

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पैक्ड सेल्स ब्लड मरीजों के लिए बेहतर

उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर थिलिसिमिया, सिकल सेल एनीमिया को सदर अस्पताल में स्थापित करने की योजना है. इसके पीछे हमारा उद्देश्य है कि जो थिलिसीमिया से पीड़ित बच्चे आते हैं, कई बार उन्हें ट्रांसफ्यूजन लेने में तीन-चार दिन लग जाते हैं. हम ऐसी व्यवस्था करना चाहते हैं कि वे दिन में ही ट्रांसफ्यूजन लेकर जा सके. निधि खरे ने कहा कि अस्पताल में कोल्ड ब्लड को चढ़ाया जाता है. जबकि कई मैनुअल में निर्देश दिए जाते हैं कि पैक्ड सेल्स को चढ़ाया जाना बेहतर है. यहां के चिकित्सकों को पैक्ड सेल्स चढ़ाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में जो ब्लड बैंक शुरु होने वाला है उसमें लाइसेंस में ही यह कंडीशन डाला जाए कि पैक्ड सेल्स का स्टोरेज हो सके और उसकी हैंडलिंग सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में ही है. इसके अलावा जो दूसरे ऑपरेशंस हैं जिसमें पैक्ड सेल्स का प्रावधान है, उनमें भी कोल्ड ब्लड की जगह पैक्ड सेल्स दिए जाएं. ताकि जो लोग रक्तदान करते हैं उनके खून को ज्यादा एफिशिएंसी से ज्यादा लोगों के बीच पहुंचाया जा सके.

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ये रहे मौजूद

निरीक्षण के क्रम में प्रधान सचिव निधि खरे ने हिमोग्लोबिनोपैथी इकाई, एक्स-रे इकाई, फिजियोथेरेपी, शिशू विभाग,ऑपरेशन थिएटर, डिलीवरी रूम, आई विंग, ब्लड बैंक और अन्य विभागों का निरीक्षण किया. निरिक्षण के क्रम में सिविल सर्जन डॉ एसएस हरिजन, एसीएमओ नीलम चौधरी, डीआरसीएचओ,आरसी-आईईसी रंजीत,  डीपीएम महेश कुमार, एचएम अंतरा झा, अनुप कुमार अस्पताल के चिकित्सक कर्मचारी और अन्य लोग उपस्थित थे.


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