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एमजीएम और पाटलिपुत्र अस्पताल पर हुई बैठक की रिपोर्ट तैयार करे स्वास्थ्य विभाग : सरयू राय

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  • प्रेस बयान जारी कर मंत्री सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री से किया अनुरोध
  • दो साल पहले मुख्यमंत्री ने की थी बैठक, न स्वास्थ्य मंत्री उपस्थित थे और न ही मंत्री सरयू राय, बैठक की रिपोर्ट तक नहीं

Ranchi : खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी से अनुरोध किया है कि एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर और पाटलिपुत्र अस्पताल धनबाद के सुधार को लेकर हुई बैठक की रिपोर्ट (कार्यवृत्त) तैयार करने का निर्देश विभागीय सचिव को दें. दोनों अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए 28 जनवरी को राजधानी में बैठक हुई थी. मंत्री सरयू राय ने इसकी रिपोर्ट तैयार करवाने का अनुरोध किया है. प्रेस बयान के जरिये उन्होंने कहा कि विषय को गंभीरता से देखा जाये, ताकि लिये गये निर्णयों का क्रियान्वयन सही से हो सके. साथ ही प्रति माह समीक्षा भी की जाये. उन्होंने कहा कि इस बैठक की रिपोर्ट तैयार नहीं की जाती है, तो इसकी स्थिति भी दो साल पहले हुई बैठक के समान हो जायेगी. इससे कोई असर अस्पतालों पर नहीं देखा जायेगा और न मरीजों को संतुष्टि मिलेगी.

हुई थी उच्चस्तरीय बैठक

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उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने एमजीएम अस्पताल एवं कॉलेज की स्थिति में सुधार लाने के लिए जमशेदपुर में उच्चस्तरीय बैठक की थी. उसमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अस्पताल के अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी तथा टाटा मेन हॉस्पिटल के अध्यक्ष आदि शामिल थे. मंत्री ने कहा कि इस बैठक से संबंधित कोई विवरण अब तक उपलब्ध नहीं है.

स्वास्थ्य मंत्री तक नहीं थे शामिल

दो साल पहले हुई बैठक की जानकारी देते हुए मंत्री सरयू राय ने कहा कि इस उच्चस्तरीय बैठक में न तो स्वास्थ्य मंत्री उपस्थित थे और न ही खुद सरयू राय. बैठक के बारे में अब किसी को कोई जानकारी नहीं है. जारी बयान में उन्होंने कहा कि इसका नतीजा यह हुआ कि न तो कॉलेज और न ही अस्पताल की स्थिति में कोई सुधार आया है.

रिपोर्ट मांगने पर कोई कुछ नहीं बता सका

सरयू राय ने कहा, “टाटा स्टील लिमिटेड के तत्कालीन वाइस प्रेसिडेंट और टाटा मेन हॉस्पिटल के अध्यक्ष सुनील भास्करण को उस बैठक में एमजीएम की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया था. उन्होंने रिपोर्ट सौंप भी दी, पर इसके बाद हुआ क्या, यह किसी को पता नहीं है. मैंने इस रिपोर्ट के बारे में जानना चाहा, पर कोई बता नहीं सका. यानी उक्त बैठक निष्फल साबित हुई.” उन्होंने कहा कि बैठक में अस्पतालकर्मियों के लिए भारी आंकड़ा प्रस्तुत किया गया था. आउटसोर्सिंग कर्मियों पर भी चर्चा की गयी थी. ऐसे में जरूरी है कि स्थिति में सुधार लाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री की ओर से समीक्षा की जाये. मंत्री ने कहा कि पूर्व में हुई बैठक में अस्पताल के विभिनन श्रेणी में रिक्त पदों पर बहालियों के लिए मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था. इसका रोस्टर स्वास्थ्य विभाग को तय करना था. लेकिन, मुख्यमंत्री कार्यालय के सूचना प्रसार कोषांग से जारी संक्षिप्त प्रेस विज्ञप्ति में इसका जिक्र नहीं है. इसलिए जरूरी है कि स्वास्थ्य विभाग बैठक में हुए निर्णयों का विवरण तथा इनके क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार कर उपलब्ध कराये, ताकि उन पर अमल हो सके और अमल की समीक्षा की जा सके.

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