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चतरा में स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड क्लीनिक किया सील, संचालक गिरफ्तार

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Chatra : जिले में प्रतिबंध के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा है. जहां चंद रुपयों की खातिर झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से लिंग परीक्षण कर भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे रहे हैं. ऐसे ही अवैध क्लीनिक व अल्ट्रासाउंड सेंटर के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है.

अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड क्लिनिक सील

इटखोरी थाना क्षेत्र के धनखेरी चौक पर साहू भवन के एक कमरे में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड क्लीनिक को प्रखंड स्तरीय निगरानी समिति की टीम ने सील कर दिया.  इस टीम का नेतृत्व कर रहे इटखोरी अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ डीएन ठाकुर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर धनखेरी चौक पर छापामारी अभियान चलाकर साहू भवन में संचालित अल्ट्रासाउंड क्लीनिक को सील कर दिया गया है. उन्होंने बताया छापामारी के दौरान मौके पर मौजूद मशीन के ऑपरेटर छोटू कुमार नाम के शख्स  को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. छोटू कुमार प्रतापपुर प्रखंड के जोरी गांव का रहने वाला है. उसने बताया कि इस मशीन का मुख्य मालिक बिहार राज्य के शोभ बाराचट्टी के रवि कुमार प्रजापति है. छोटू के बयान पर  कमेटी  मुख्य संचालक रवि प्रजापति की खोज में जुट गयी है. हालांकि वह अभी भी गिरफ्त से बाहर है.

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आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर भेजा जाएगा जेल

इस संबंध में छापामारी अभियान का नेतृत्व कर रहे चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ डीएन ठाकुर ने कहा कि प्रखंड में झोलाछाप डाक्टरों द्वारा चलाए जा रहे अवैध क्लिनिक एवं जांचघरों को बंद कराने में जनता प्रशासन की मदद करें. क्योंकि यह काम गैरकानूनी है और गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड मशीन के द्वारा जांच कर गर्भ में लड़का है या लड़की बताकर उनसे मुंह मांगे पैसे लेते हैं. उन्होंने आगे बताया कि इसमें संलिप्त आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएन डीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा जाएगा.

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पहले भी आ चुके हैं लिंग परीक्षण के मामले

इससे पहले लिंग परीक्षण रिपोर्ट को सही ठहराने  के लिए एक झोलाछाप डाॅक्टर ने नवजात बच्चे का लिंग काट दिया गया था. इस घटना को अंजाम जयप्रकाश नगर स्थित अवैध रूप से संचालित ओम क्लीनिक और चट्टी गांव में संचालित आस्था अल्ट्रासाउंड क्लीनिक के संचालक द्वारा दिया गया था. इस मामले के आरोपी डाॅ अनुज कुमार और डाॅ अरूण कुमार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. इसके बाद भी इटखोरी धनखेरी चौक पर खुलेआम संचालित लिंग परीक्षण सह अल्ट्रासाउंड क्लिनिक स्वास्थ्य विभाग की कारगुजारियों को उजागर करता है.

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