न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

संताल हूल दिवस के अवसर पर निकाली गयी स्वास्थ्य जागरुकता यात्रा

351

Ranchi : संताल हूल दिवस के अवसर पर दिसोम मारंग बुरु युग जाहेर आखड़ा और सिदो-कान्हु चांद-भैरव फूलो-झानो आखड़ा के संयुक्त तत्वधान में दुमका प्रखंड के दुन्दिया गांव से शहीदग्राम भोगनाडीह के लिए स्वास्थ्य जागरूकता यात्रा निकाली गयी. इस हूल यात्रा में कई गांवो से काफी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया. इस स्वास्थ्य जागरूकता हूल यात्रा में खसरा और रुबैला टीकाकरण अभियान (एम.आर टीकाकरण अभियान) के बारे में ग्रामीणों को चौक-चौराहा में शिविर लगाकर जागरूक किया गया.

इसे भी पढ़ें- हूल दिवस विशेषः आज भी आदिवासियों में मौजूद है संताल हूल की चिंगारी

क्या है खसरा बीमारी

संताल हूल के पावन अवसर पर शिविर में स्वतंत्रा सेनानी सिदो-कान्हू मुर्मू के वीर गीत गाये गये. ग्रामीणों को खसरा और रुबैला रोग से बचने के लिय इसके टीकाकरण अभियान के महत्व को बताया गया. खसरा एक जानलेवा बीमारी है और बच्चों में अपंगता और मृत्यु के बड़े कारणों में से एक है. खसरा बहुत संक्रामक रोग है और यह एक प्रभावित व्यक्ति द्वारा खासने और छीकने से फैलता है. खसरा बच्चों को निमोनिया, दस्त और दिमागी संक्रमण जैसी बीमारियों के प्रति संवेदनशील बना सकता है. खसरा के आम लक्षण तेज बुखार के साथ त्वाचा पर दिखाई पड़ने वाले लाल चकते, खांसी, बहती नाक और आंख लाल होना है.

इसे भी पढ़ें- कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार, कहा- इससे बदतर स्थिति क्या होगी कि सीएम और डीजीपी को पता ही नहीं चला कितने जवान हुए थे अगवा

रूबैला है घातक

रूबैला एक ऐसी बीमारी है जो महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होती है. ऐसे में होने वाले बच्चे में जन्म के साथ ही रूबैला सिंड्रोम विकसित हो जाता है. यह बीमारी भ्रूण और नवजात शिशुओं के लिय गंभीर और घातक साबित हो सकता है. रूबैला अवस्था में जन्में बच्चों की आंखे (ग्लूकोमा, मोतियाबिंद), कान (बहरापन), मस्तिष्क (माइक्रोसिफेली, मानसिक मदता) प्रभावित होती हैं. रूबैला रोग से गर्भवती स्त्री में गर्भपात, अकाल प्रसव और मृत प्रसव की संभावना बढ़ जाती है. खसरा और रूबैला रोग से बचने के लिय सभी नौ महीने से 15 वर्ष के बच्चों को जरूर से टीकाकरण करवाना चाहिए ताकि इन बीमारियों से बचाव हो सके.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: