न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

HC का ममता सरकार को आदेश, दुर्गा पूजा समितियों को अभी भुगतान न किया जाये

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य की प्रत्येक दुर्गा पूजा समिति को 10 हजार रुपये का अनुदान दिये जाने पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है.

153

Kolkata :  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य की प्रत्येक दुर्गा पूजा समिति को 10 हजार रुपये का अनुदान दिये जाने पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बंगाल सरकार से कहा है कि अगले मंगलवार तक दुर्गा पूजा से जुड़ी  भुगतान योजना टाले.  मंगलवार को इसपर फिर से सुनवाई हेागी. योजना के तहत राज्य की प्रत्येक दुर्गा पूजा समिति को 10 हजार रुपये का अनुदान दिये जाने की घोषणा की गयी थी.  ममता सरकार ने 28 करोड़ रुपये के अनुदान देने की बात कही थी.   इस संबंध में वकील सौरव दत्ता ने याचिका पर दायर की है. अपनी याचिका में सौरव दत्ता ने 9 सितंबर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की योजना पर सवाल उठाया था,  जिसमें दुर्गा पूजा समितियों को 10,000 रुपये देने    की घोषणा की गयी थी.

इसे भी पढ़ें- IRCTC घोटालाः राबड़ी-तेजस्वी को रेगुलर बेल, लालू की याचिका पर 19 नवंबर को सुनवाई

सौरव दत्ता ने याचिका में अनुदान देने की आलोचना की है

सौरव दत्ता ने याचिका में अनुदान देने की आलोचना की है.  सुनवाई के क्रम में अदालत ने कहा कि उम्मीद है कि सरकार मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश (एसीजे) देबाशीष कर गुप्ता द्वारा राज्य के वकील (एजी) किशोर दत्ता से शुक्रवार को पूछे गये सवालों के जवाब के साथ सुनवाई के लिए तैयार होगी.  न्यायमूर्ति  गुप्ता ने कहा कि इस योजना में राज्य के राजकोष की बड़ी राशि शामिल है.  कोर्ट ने एजी से पूछा कि क्या राज्य ने इस येाजना को लॉन्च करने से पहले दिशा-निर्देश तैयार किये हैं.  कलकत्ता हाई कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या राज्य धार्मिक त्यौहारों के लिए अनुदान जारी कर सकता है और क्या यह सभी धार्मिक त्योहारों पर लागू होता है.

मुख्य न्यायाधीश ने सौरव दत्ता से पूछा कि बंगाल में 2,800 से अधिक दुर्गा पूजा समितियां हैं.  उनका चयन करने के मानदंड क्या हैं जो एक बार अनुदान प्राप्त करेंगे?  न्यायमूर्ति शिम्पा सरकार के साथ खंडपीठ पर एसीजे ने एजी से पूछा, क्या कोई चेक वैल्यू भी है? अगर एक पूजा समिति 9,000 रुपये खर्च करती है तो बाकी पैसे का क्या होना है? क्या यह वापस आ पायेगा? आखिरकार यह जनता का पैसा है. हाई कोर्ट आगे की सुनवाई मंगलवार को करेगा.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: