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हाइकोर्ट ने पूछा, एक ही दिन में पांच लाख बच्चों को टी-शर्ट और टॉफी कैसे बांटी?

  • झारखंड हाइकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, 2016 का है मामला
  • रघुवर सरकार के कार्यकाल का है मामला, एजी ने भी जतायी थी आपत्ति

Ranchi: राज्य में टी शर्ट और टॉफी वितरण मामले में हुई गड़बड़ी पर हाइकोर्ट ने सरकार से जवाब-तलब किया है. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सरकार को 27 नवंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

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यह मामला सेंटर फॉर आरटीआइ के पंकज यादव के द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है. 15 नवंबर 2016 को राज्य सरकार ने राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर पांच लाख स्कूली बच्चों के बीच टी शर्ट और टॉफी वितरण किया था. याचिका में कहा गया है कि एक ही दिन में इतने बच्चों के बीच टी शर्ट और टॉफी वितरण संभव नहीं है.

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वितरण के नाम पर राशि का हुआ दुरुपयोग

शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान महालेखाकार की ओर से बताया गया कि टी-शर्ट और टॉफी वितरण में गड़बड़ी हुई है. एजी की रिपोर्ट में भी इस पर आपत्ति जतायी गयी है.

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प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया  कि 15 नवंबर 2016 को राज्य के स्थापना दिवस पर सरकार ने पांच लाख स्कूली बच्चों के बीच टॉफी और टीशर्ट का वितरण एक ही दिन में कर दिया.

कहा गया कि एक दिन में इतने बच्चों को टी-शर्ट का वितरण करना संभव नहीं है. वितरण के नाम पर बड़ी राशि का दुरुपयोग किया गया है.

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10000 स्कूलों के बच्चों के लिए खरीदारी की गयी थी

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने अदालत को बताया कि स्थापना दिवस समारोह के लिए वित्त नियमों को शिथिल करते हुए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये थे.

रांची के उपायुक्त ने दो मद में 4.65 करोड़ रुपये खर्च किये थे. इसमें 10,000 स्कूलों के पांच लाख बच्चों के लिए 1000 टॉफी बैग तथा टी-शर्ट खरीदे गये. टी-शर्ट लुधियाना के कुदू इंटरप्राइजेज से और टॉफी जमशेदपुर के लल्ला इंटरप्राइजेज से खरीदी गयी थी.

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