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हजारीबाग : संत कोलंबा महाविद्यालय एनएसएस में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

Hazaribagh : संत कोलंबा महाविद्यालय एनएसएस इकाई एक द्वारा कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ सरिता सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस की थीम थी- सभी मतदाता सशक्त, सतर्क, सुरक्षित तथा जागरूक बनें. कार्यक्रम में अंग्रेजी विभाग के शिक्षक डॉ सतेंद्र, हिंदी विभाग के प्रोफेसर राजू राम तथा उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ जमाल अहमद शामिल हुए.

डॉ सरिता सिंह ने शिक्षकों, युवाओं एवं सयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में मतदान को लेकर कम होते रूझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा था. इसके मनाये जाने के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्य था कि देश भर के सभी मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष उन सभी पात्र मतदाताओं की पहचान की जायेगी, जिनकी उम्र एक जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी होगी. इस सिलसिले में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नये मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किये जायेंगे और उन्हें निर्वाचन फोटो पहचानपत्र सौंपे जायेंगे.

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सभी को दिलायी गयी शपथ

कार्यक्रम में सभी को शपथ ग्रहण कराया गया कि वे भारत की लोकतांत्रिक गरिमा को बनाये रखने के लिए चुनाव में बिना किसी जाति, धर्म आदि का भेदभाव तथा बिना किसी पैसे का लोभ किये अपने मत को अपना अधिकार समझ निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान करेंगे और चुनाव में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से अपनी भागीदारी देकर और अपने आस-पास के लोगों को जागरूक कर निष्पक्ष, ईमानदार और बहुमत की सरकार लाने में मदद करेंगे.

इस मौके पर डॉ सतेंद्र ने कहा कि हर वोट महत्वपूर्ण तथा बहुमूल्य है. हम एक वोट से ईमानदार सरकार को चुनकर अपने भविष्य को सुरक्षित और प्रकाशित कर सकते हैं. वहीं, स्वयंसेवक अविनाश कुमार ने कहा, “हमें गर्व है कि हम विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के नागरिक हैं. हमें सोच-समझकर पैसों के लोभ के बगैर, जाति-धर्म, रिश्ते, नाते आदि भेदभाव को दरकिनार कर ऐसी सरकार का निर्माण करने की जरूरत है, जो राष्ट्र सर्वोपरि के भाव से काम कर देश को विकासशील से विकसित देश में बदले.

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अविनाश कुमार, जितेंद्र कुमार मुस्कान, नेहा परवीन, धर्मवीर कुमार, सुजीत हाजरा, मनीषा महेश आदि स्वयंसेवियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.

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