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हजारीबाग: उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

Hazaribagh: हजारीबाग के जेपी कारा में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे योगेश चौहान नाम के कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. कैदी धनबाद जिले के झरिया का रहने वाला था.

एक सप्ताह पहले ही योगेश चौहान को धनबाद जेल से हजारीबाग जेल शिफ्ट किया गया था. पुलिस ने कैदी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं जेल प्रशासन में मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है.

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उम्रकैद की सजा काट रहा था योगेश

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हत्या के मामले में कोर्ट ने योगेश को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. बताया जा रहा है कि योगेश मानसिक रूप से अस्वस्थ था. उसकी बीमारी का इलाज चल रहा था.

हजारीबाग जेपी कारा जहां कैदी योगेश एक सप्ताह पहले ही सिफ्ट हुआ था. कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

वहीं यह आशंका जतायी जा रही है कि मानसिक रूप से बीमार होने के कारण ही उसने आत्मत्या की हो. बताया जा रहा है कि फांसी लगाने के लिए उसने पायजामा का इस्तेमाल किया था.

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संदेह के घेरे में केंद्रीय कारा प्रशासन की सुरक्षा 

जिस तरह से हजारीबाग जेपी कारा में कैदी के फांसी लगाने की घटना सामने आयी है इससे केंद्रीय कारा की सुरक्षा पर संदेह हो रहा है. यह कोई पहली बार की घटना नहीं है.

इससे पहले भी बीते वर्ष अगस्त महीने में हजारीबाग स्थित जेपी सेंट्रल जेल में बंद कैदी धीरेंद्र यादव ने जूतों के फीतों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. फंदा बनाने के लिए उसने गमझे का उपयोग किया था. वहीं इससे पहले 2011 में एक महिला कैदी ने वार्ड की खिड़की की राॅड से फांसी लगा ली थी.

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