न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

हजारीबाग: आरसीसीएफ ने दिया अवैध आरा मि‍लों की जांच का आदेश

पूर्वी वन प्रमंडल के सरिया और बगोदर वन प्रक्षेत्र का मामला

84

Hazaribagh: पूर्वी वन प्रमंडल हजारीबाग के सरिया और बगोदर वन प्रक्षेत्र में एक दर्जन से अधिक संचालित अवैध आरा मिलों पर आरसीसीएफ संजीव कुमार ने संज्ञान लिया है. उन्होंने इस बाबत डीएफओ स्मिता पंकज को जांच का आदेश दिया है. साथ ही दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा है. इस अवैध धंधे को संरक्षण देने वाले वनकर्मियों पर जांचोपरांत कार्रवाई करने की भी बात कही है.

ग्रामीणों ने आरसीसीएफ को सौंपा था शिकायत पत्र

जानकारी के अनुसार सरिया के ग्रामीणों ने आरसीसीएफ को सात दिसंबर को शिकायत पत्र दिया है. इसमें कहा गया है कि सरिया-बगोदर वन प्रक्षेत्र के वनखारो विधायक मोड़ के पीछे एक, हथबझवा में एक, कलहावार आदिवासी टोला में एक, प्रकाश मंडल आदिवासी टोला में एक, बलमका में एक, नागी गांव में दो, सारूकुदर में तीन, खेतको में एक, करगालो में एक और गोविन्दपुर में दो अवैध आरा मिल संचालित हैं. सरकार प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर जंगल को हरा-भरा करना चाह रही है. वहीं दूसरी तरफ विभाग के कर्मचारी और पदाधिकारी लकड़ी माफिया से मिलकर वन को कटवाकर विनाश की ओर ले जा रहे हैं. सभी आरा मिल पूर्व डीएफओ की मिलीभगत से चलता आ रहा है, जो आज तक संचालित है. पूर्व डीएफओ के चहेता एक चतुर्थवर्गीयकर्मी उनके गाड़ी से आकर रुपये वसूलकर ले जाता है. उक्त कर्मी पदस्थापित काल से ही पूर्वी वन प्रमंडल में जमा हुआ है. पूर्वी वन प्रमंडल में जो भी अवैध कार्य होता है उसकी जानकारी उक्त कर्मी को रहता है. साथ ही विभागीय जानकारी भी अवैध रूप से संचालित आरा मील के संचालकों को देता है.

दोषियों पर होगी कार्रवाई: आरसीसीएफ

हजारीबाग के आरसीसीएफ संजीव कुमार ने इस संबंध में पूछने पर कहा कि सरिया के ग्रामीणों ने संचालित अवैध आरा मि‍लों के बारे में शिकायत पत्र दिया है. इस मामले को गंभीरता से लिया गया है. मामले की जांच के लिए पूर्वी वन प्रमंडल के डीएफओ को आदेश दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी वनकर्मियों और संचालकों पर कार्रवाई होगी. आरसीसीएफ ने कहा कि डेढ़ वर्ष में 32 अवैध आरामील के संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है.

इसे भी पढ़ें: वेंडर मार्केट में फुटपाथ दुकानदारों को बसाने का रास्ता साफ, स्क्रूटिनी के बाद बचे केवल 429 दुकानदार

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: