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हजारीबाग : कांग्रेसियों को एकजुट रखना गोपाल साहू के लिए होगी बड़ी चुनौती

Hazaribagh : हजारीबाग लोकसभा सीट से महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस से गोपाल साहू को मैदान में उतारा गया है. साहू का हजारीबाग में बतौर प्रत्याशी मैदान में एक तरफ जहां भाजपा के जयंत सिन्हा से सीधे मुकाबला होगा तो वहीं दूसरी ओर उन्हें इस लड़ाई में खुद को दो नंबर पर बनाए रखने का भी प्रयास करना होगा. ऐसा होने पर ही उन्हें भाजपा के राज्य सचिव व पूर्व सांसद भुनेस्वर मेहता की तुलना में अल्पसंख्यक वोट मिल पाएंगे.

इस स्थिति तक पहुंचने के पहले उन्हें महागठबंधन में शामिल दलों के साथ साथ कांग्रेसी नेताओं को भी एकजुट रखने का प्रयास करना होगा. यह उनके लिए बड़ी चुनौती होगी. वैसे भी गोपाल साहू को आम लोग विशेषकर कांग्रेसी पैराशूट से उतरने वाले नेता बता रहे हैं.

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पार्टी नेताओं और जनता को समझना चुनौती होगी

साहू भले ही दो-चार बार हजारीबाग आए होंगे, लेकिन उनके लिए हजारीबाग के नेताओं और फिर यहां की जनता को समझने की चुनौती तो जरूर बनी रहेगी. पार्टी द्वारा हजारीबाग में कुछ कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता जरूर रही है लेकिन पार्टी नेताओं और यहां की लोकसभा क्षेत्र की जनता में पैठ बनाने की उन्हें जरूरत है.

अब महज 20 दिन बाद छह मई को मतदान होना है ऐसे में साहू के पास समय का अभाव होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. साहू यदि हजारीबाग के पुराने कांग्रेसी नेताओं को भीतरघात करने से रोक पाते हैं तो उनकी एक बड़ी जीत हो सकती है. अब देखना है कि साहू कम समय में कांग्रेसियों को एकजुट रखने में और जनता में पैठ बनाने में सफल हो पाते हैं या नहीं.

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जनता मेरे मेहनत को देखकर वोट देगी : जयंत सिन्हा

वैसे साहू के जानकार उन्हें वैश्य मोर्चा के नेता के रूप में देखते हैं. आमतौर पर वैश्य भाजपा का वोट बैंक माना जाता है. अगर वो भाजपा की वोट बैंक को तोड़ने में सफल होते हैं तो उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त हो सकता है.

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इधर भाजपा प्रत्याशी जयंत सिन्हा ने कहा है कि जनता मुझे मेरे द्वारा और मेरी सरकार के द्वारा किए गए पांच वर्षों के कार्यों को देखकर, मेरे मेहनत को देखकर वोट देगी. हालांकि जयंत सिन्हा हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में अपने नाम पर नहीं मोदी के नाम पर वोट मंगाते नजर आ रहे हैं.

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जन-बल से धन-बल को परास्त करेंगे- भुनेश्वर प्रसाद मेहता

भाकपा के राज्य सचिव सह हजारीबाग लोकसभा सीट के प्रत्याशी भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा है कि हजारीबाग में दो करोड़पति उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है. दोनों का हजारीबाग में कोई योगदान नहीं रहा है. जयंत सिन्हा ने तो हजारीबाग की जनता को ठगने का काम किया है. उन्होंने 2014 चुनाव के पहले किए गए वादे को भी पूरा नहीं किया है.

वहीं, गोपाल साहू को तो जनता ना जानती है और ना पहचानती है. भुनेश्वर के पास धन नहीं है लेकिन उनके पास जन-बल है. इसी के सहारे वो दोनों प्रत्याशियों को हराने का काम करेंगे. 2004 में भी उन्होंने करोड़पति उम्मीदवार एवं केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को हराया था. इस बार जयंत सिन्हा को भी हराएंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी ने सदैव दलितों, आदिवासी से लेकर विस्थापित किसानों, मजदूरों की लड़ाई लड़ने का काम किया है. इसलिए इस बार भी वह चुनाव जीतकर उनके हक के लिए काम करेंगे.

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