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Hazaribag : बानादाग कोल साइडिंग में धरना पर बैठे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज, पुलिस व ग्रामीण समेत दर्जन भर लोग घायल

बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद पहुंची आंदोलनकारियों से बातचीत करने

Hazaribag : कटकमदाग थाना क्षेत्र के बानादाग कोल साइडिंग के विरोध में पांच दिनों से धरना पर बैठे ग्रामीणों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. बताया जाता है कि इससे पहले धरना पर बैठे ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया था. हालांकि, ग्रामीणों को हटाने के लिये पुलिस ने पहले पानी की बौछार की. बाद में ग्रामीणों पर बल प्रयोग किया गया. पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ आंसू गैस के गोले भी छोड़े.इसे भी पढ़ें :  त्योहारी सीजन में साइबर क्राइम बड़ा खतरा, इन बातों का रखेंगे ध्यान तो बच सकते हैं आप

बता दें कि बानादाग कोल साइडिंग बंद करने की मांग को लेकर ग्रामीण 5 दिनों से धरना पर बैठे हुए थे. ग्रामीणों की धरना की वजह से करीब एक सप्ताह से कोयले का ट्रांसपोर्टेशन पूरी तरह से बंद है. बताया गया है कि प्रशासन की तरफ से कई बार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे. पुलिस का कहना है कि धरना कर रहे ग्रामीणों की तरफ से उन पर पथराव किया गया. जिसके बाद उन्हें बल प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने पहले ग्रामीणों पर पानी की बौछार किया. उसके बाद भीड़ को तितर बितर करने के लिए हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए. इस अफरातफरी में की ग्रामीण घायल हुए हैं.

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बताया जा रहा है कि घायलों में सदर एसडीपीओ महेश प्रजापति, पेलावल इंस्पेक्टर प्रभात कुमार, लोहसिंगना थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह समेत 10 पुलिसकर्मी और दो आंदोलनकारी घायल हो गए. इसके बाद बानादाग साइडिंग को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.

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मौके पर बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद भी आंदोलनकारियों से बातचीत करने पहुंची है. पिछले दिनों इसी मामले को लेकर हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल के समर्थकों से भी झड़प हुई थी, जिसमें हाथापाई और प्राथमिकी तक हुई थी. दरअसल यहां एनटीपीसी और उसकी रिसोर्स कंपनी त्रिवेणी सैनिक से कोयला डंप किया जाता है. वहां से रेलवे रैक से देश के विभिन्न पावर प्लांटों में कोयला भेजा जाता है. इधर, ग्रामीणों का कहना है कि कोल डस्ट से उनकी फसल बर्बाद हो जाती है. खेत बंजर हो रहे हैं, लोगों का रहना दुश्वार हो चुका है.

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