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डीएवी हेहल में वासंती नवसस्येष्टि पर्व पर विशेष हवन का आयोजन

Ranchi: डीएवी पब्लिक स्कूल हेहल, रांची में वासंती नवसस्येष्टि पर्व (होलिकोत्सव) के अवसर पर विशेष हवन का आयोजन किया गया. जिसमें रांची शहर के डी.ए.वी. विद्यालयों के लगभग 200 शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भाग लिया.इस कार्यक्रम में सदस्य डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति, नई दिल्ली एसएल गुप्ता उपाथित थे.

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के सभागार में प्रातः 9:00 बजे हवन से हुई. जिसमें  एस.एल गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी  शीला गुप्ता (चेयर पर्सन, डीएवी,बरियातू,संरक्षक आर्य समाज, रांची)उपस्थित थीं.

माता सुशीला गुप्ता ने ओ३म् की महिमा पर एक भजन प्रस्तुत कर सभी को मन्त्र मुग्ध कर दिया तथा विद्यालय के शिक्षक यतीश चन्द्र यति ने आर्य समाज एवं डीएवी की भूमिका पर काव्य रचना प्रस्तुत की.शिक्षक राजकिशोर सामल ने नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में कैसे ग्रहण करें,इस विषय पर प्रकाश डाला.

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संगीत शिक्षक इंद्रजीत दत्ता ने’तेरी शरण में आए ओ३म्’…..भजन प्रस्तुत किया. संगीत शिक्षिका मुक्ति सरकार ने ‘मेरे मन ओ३म्-ओ३म् रटे ….भजन प्रस्तुत किया.डीएवी कपिलदेव से आए संगीत शिक्षक सुन्दर ठाकुर एवं संगीत शिक्षिका तारा पाठक ने क्रमशः ‘सारी दुनिया जगाई दयानन्द ने, धूम जग में मचाई .

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विद्यालय के शिक्षक सुशील आर्य ने ‘यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म’  सूक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि विश्व के वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रायोगिक परीक्षणों के आधार पर इस तथ्य को प्रमाणित कर दिया है कि यज्ञ केवल धार्मिक कर्म काण्ड नहीं है, बल्कि यह एक पूर्णतः वैज्ञानिक प्रक्रिया है.

राजेन्द्र आर्य (प्रधान,आर्य समाज,रांची) ने कहा कि जो व्यक्ति यज्ञ से शुद्ध किए हुए अन्न, जल और पवन आदि पदार्थों का भोजन करते हैं, वे निरोग होकर बुद्धिमान, बलबान,आरोग्य और दीर्घायु होते हैं.

डीएवी पब्लिक स्कूल्स झारखंड जोन-बी  के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी-सह प्राचार्य डी ए वी पब्लिक स्कूल हेहल,रांची एमएल सिन्हा ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती आधुनिक भारत के निर्माता थे.वे ऐसे महा नायक थे, जिनके चिंतन में,न केवल भारत की बल्कि वैश्विक समस्याओं का समाधान था.

निदेशक जे पी सूर जी (पी एस-I)  ने कहा कि  झारखंड में डीएवी  के बच्चे शिक्षा के साथ साथ खेल एवं विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में  बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर डीएवी का झण्डा ऊँचा रखते हैं.इसका पूरा-पूरा श्रेय विद्यालय के सभी  कर्मचारियों को जाता है. मंच का संचालन एके मिश्रा ने किया.

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