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नफरत के नशे में भारतीय ! मॉब लिंचिंग बिगाड़ रहा है हिन्दुस्तान की छवि

मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने देश को शर्मिंदा किया

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Tirth Nath Akash

भीड़ द्वारा जान लेने की एक खबर पुरानी नहीं होती है की कोई हत्या की खबर अखबारों कि सुर्खियां बन जाती है. कल तक जो मॉब लिंचिंग की घटनाएं सिर्फ भारतीय मीडिया का हिस्सा हुआ करती थी आज वो विदेशी अखबारों की सुर्खियां बन चुकी है. जो वर्तमान में हिन्दुस्तान की छवि को खराब करने का प्रमुख कारण बना हुआ है. हाल में तथाकथित भीड़ द्वारा अलवर में कथित गोरक्षकों ने 20 जुलाई की रात रकबर को बुरी तरह से पीटा, गंभीर रूप से घायल रकबर को अस्पताल ले जाने में पुलिस ने कोताही बरती, तीन घंटे बाद रकबर को सरकारी अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया.

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अलवर गो-तस्करी के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या
अलवर गो-तस्करी के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या

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क्या कहती है विदेशी मीडिया

लगातार हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने देश को शर्मिंदा किया. अब विदेशी ​मीडिया भी अपने अखबारों और वेबसाइट में ऐसी घटनाओं को प्रमुखता से छापने लगी है. मलेशिया की एक न्यूज वेबसाइट ‘द सन डेली’  ने मॉब लिंचिंग की खबर को ‘गाय ले जा रहे भारतीय मुस्लिम की भीड़ के हमले में हत्या’ शीर्षक के साथ प्रकाशित किया है.

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'द गार्जियन'
‘द गार्जियन’

यूनाइटेड किंगडम की ‘द गार्जियन’ ने इस घटना को पुलिस की लापरवाही बताते हुए खबर को शीर्षक दिया की ‘भीड़ के हमले में घायल शख्स की मदद से पहले भारतीय पुलिस ने चाय पी’. 

‘अल जजीरा’ ने घटना को प्रकाशित करते हुए घटना को शीर्षक दिया की ‘भारत: गाय के चलते हुई हत्या के कारण गांव में मातम’घटनाक्रम का जिक्र करते हुए लिखा कि तथाकथित गोरक्षकों ने शनिवार को पश्चिमी राजस्थान के लालावंडी गांव में 28 साल के एक मुस्लिम शख्स की हत्या कर दी.

गोरक्षकों के मार देने से रकबर की मौत की खबर को छापते हुए को ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने लिखा है कि पीड़ित को अस्पताल ले जाने की बजाय चाय पीने पर भारतीय पुलिस के खिलाफ जांच.

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अल जज़ीरा'
अल जज़ीरा’

 नफरत के नशे में भारतीय नेता

अलवर जैसी घटना पहली बार नहीं है इससे पहले भी मॉब लिचिंग की घटनाओं को प्रमुखता से विदेशी मीडिया कवर करता रहा है.

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अलीमुद्दीन अंसारी हत्या के अभियुक्तों को केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा माला पहनाने की खबर को छापते हुए शीर्षक दिया की ‘​नफरत के नशे में भारतीय नेता ने जान लेने वाली भीड़ का सम्मान किया’.

जान लेने वाली भीड़ का सम्मान किया'
जान लेने वाली भीड़ का सम्मान किया’

यूनाइटेड किंगडम की ‘द सन’ में असम में भीड़ ने दो युवक अभिजीत नाथ और नीलोत्पल दास को इस शक में पीट-पीट कर मार दिया की वो बच्चा चोरी कर रहे थे. इस खबर को छापते हुए शीर्षक दिया कि ‘व्हाट्सऐप मैसेज में गलत अफवाह के कारण दो युवकों की हत्या’.

 

'व्हाट्सऐप मैसेज में ग़लत अफ़वाह के कारण दो युवकों की हत्या'.
‘व्हाट्सऐप मैसेज में ग़लत अफ़वाह के कारण दो युवकों की हत्या’.

कई न्यूज़ वेबसाइट्स ने व्हाट्सऐप के नए नियमों से जुड़ी ख़बर भी दी जिससे मॉब लिचिंग जैसी घटनाओं को रोका जा सके.

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