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मानव तस्करी का शिकार हुई खूंटी की नाबालिग गुड़गांव से हुई मुक्त, हरियाणा बाल संरक्षण आयोग ने की मदद

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Ranchi : मानव तस्करी की शिकार हुई खूंटी की रहने वाली नाबालिग लड़की को गुड़गांव के एक बिल्डर के यहां से मुक्त कराया गया है.  झारखंड बाल संरक्षण आयोग के दिए सूचना के आधार पर हरियाणा शक्ति वाहिनी और हरियाणा बाल संरक्षण आयोग के द्वारा 14 सितंबर को नाबालिग बच्ची को मुक्त कराया गया. जिसके बाद शनिवार को बच्ची को सीडब्ल्यूसी हरियाणा के समक्ष प्रस्तुत कर उसे बालिका गृह में रखा गया है. झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने खूंटी उपायुक्त से बच्ची को लाने के लिए टीम भेजने की बात कही है.

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अहतू थाना प्रभारी ने दी थी सूचना

उल्लेखनीय है कि 13 सितंबर को मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए मुक्ति कारवां के साथ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर खूंटी पहुंची थी. इसी क्रम में अहतू थाना प्रभारी सिब्रियान सुरीन ने खूंटी के अड़की प्रखंड की नाबालिग लड़की की तस्करी के बारे में जानकारी दी. थाना प्रभारी के द्वारा नाबालिग लड़की के गुड़गांव में होने की सूचना दी गयी थी. जिसके बाद थाना प्रभारी द्वारा गुड़गांव के पते को ट्रेस करने संबंधित आवेदन भी बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को दिखाया गया था.

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झारखंड बाल संरक्षण आयोग ने की त्वरित कार्रवाई

बच्ची की गुड़गांव में होने की सूचना मिलते ही झारखंड बाल संरक्षण आयोग ने हरियाणा शक्ति वाहिनी के ऋषिकांत और हरियाणा बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष वीके गोयल को बच्ची को मुक्त कराने का आग्रह किया. झारखंड बाल संरक्षण आयोग के आदेश पर हरियाणा बाल संरक्षण आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुड़गांव पुलिस की मदद से बच्ची को 14 सितंबर को बिल्डर प्रदीप कपूर के घर से मुक्त करवाया.

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बच्ची ने बताई अपनी पीड़ा

मुक्त होने के बाद नाबालिग बच्ची ने अपनी पीड़ा बताई. बच्ची ने बताया कि प्रदीप कपूर पेशे से बिल्डर हैं. वह उसके यहां पिछले दो महीने से काम कर रही थी. उसे दिल्ली के सदरपुर के दलालों ने बिल्डर के यहां काम पर लगाया था. लेकिन उसे पैसा नहीं दिया जाता था और ना ही उसे घर आने दिया जाता था. बच्ची ने बताया कि उसके साथ अक्सर मारपीट भी किया जाता था.

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क्या कहती हैं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष

बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर करती हैं कि अहतू थाना प्रभारी द्वारा दिए सूचना के आधार पर हरियाणा बाल संरक्षण आयोग से संपर्क कर बच्ची को मुक्त कराया गया. खूंटी उपायुक्त को कहा गया है कि बच्ची को लाने के लिए जल्दी  एक टीम भेजा जाए.

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