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गैंगवार के डर से हर्ष को धनबाद से भेजा गया पलामू जेल

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Dhanbad: विधायक संजीव सिंह केकरीबी रंजय हत्याकांड के साजिशकर्ता हर्ष सिंह को शुक्रवार को पलामू सेंट्रल जेल भेजा गया. हर्ष की जान को खतरा है, ये संदेह बताकर जेल प्रशासन ने किसी तरह का जोखिम नहीं लिया. बता दें कि पूर्व डिप्टी मेयर सह कांग्रेस नेता नीरज सिंह  हत्याकांड में  विधायक संजीवसिंह  मंडल कारा में विचाराधीन हैं. वहीं विधायकसंजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह थे, जिसकी हत्या के साजिशकर्ता हर्ष सिंह हैं. झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह के खास रंजय सिंह हत्याकांड में हर्ष सिंह ने 30 नवंबरको आत्मसमपर्ण किया था. इसके बाद सरायढेला थाने की पुलिस ने हर्ष को रिमांड पर लेकर दो दिन तक पूछताछ की. इस दौरान उसने रंजय सिंह हत्याकांड में अपनी संलिप्ततास्वीकार की थी.  पुलिस को दिये बयान में हर्षने कहा कि रंजय सिंह से उसकी जान को खतरा था. नहीं मरवाता तो रंजय उसकी हत्या करवादेता.

पलामू शिफ्ट करनेकी अनुमति मांगी थी

पूछताछ के बाद पुलिस ने गुरुवार को हर्ष को न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल भेज दिया था. इसके साथ ही जेल प्रशासन ने अदालत से हर्ष को पलामू शिफ्ट करने की अनुमति मांगी थी. अदालत की अनुमति के बाद शुक्रवार को हर्ष को पलामू भेज दिया गया.  हर्ष सिंह के मौसेरे भाई पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में झरिया के विधायक संजीव सिंह धनबाद जेल में बंद हैं. दोनों खेमों के बीच चल रही अदावत के कारण जेल में हिंसक झड़प की आशंका को देखते हुए हर्ष को पलामू भेज दिया गया.  

30 नवंबर को किया था सरेंडर

झरिया विधायक संजीव सिंह केकरीबी रंजन सिंह हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नाम सामने आने के बादफरार चल रहे डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के मौसेरे भाई हर्ष सिंह ने 30 नवंबर को कोर्ट में सरेंडर करदिया था.  हर्ष सिंह को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर देदिया गया. पुलिस ने पूछताछ के बाद बुधवार शाम को मेडिकल जांच करवा कर उसे फिर सेकोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां सेजेल भेज दिया गया.

रंजय की हत्या और उसके बाद

बता दें कि 29 जनवरी 2017 को सरायढेला, चाणक्यनगर के पास झरिया विधायक संजीव सिंह के खास-म-खास रंजय सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद पुलिस जांच काफी धीमी गति से चल रही थी. इसके दो माह बाद ही 21 मार्च 2017 को पूर्व डिप्टी मेयर नीरजसिंह की हत्या के बाद इस केस की छानबीन में भी तेजी आयी. मामले में आरा से नंदकुमार उर्फ मामा को गिरफ्तार किया गया. मामा ने स्वीकारोक्ति बयान में खुलासा कियाथा कि हत्याकांड को हर्ष सिंह के इशारे पर ही अंजाम दिया गया. मामा ने बताया था कि4 जनवरी 2017 को संजीव सिंह के काफिले कोरास्ता नहीं देने के कारण रंजय और हर्ष में तनातनी हुई थी. इस बीच रंजय ने पिस्तौलतान कर हर्ष को धमकाया था. इसके परिणाम स्वरूप रंजय की हत्या की साजिश रची गई.मामा ने अपने बयान में स्वीकार किया था कि रघुकुल में ही हर्ष सिंह ने पिस्टलउपलब्ध कराई थी. मामा के स्वीकारोक्ति बयान के बाद 20 अगस्त 2018 को सरायढेला पुलिस ने कोर्ट से हर्ष का गिरफ्तारी वारंटलिया था. इसके बाद से ही हर्ष सिंह लगातार फरार चल रहा था. बता दें कि हर्ष बिहारके आरा जिले के बेरथ गांव का रहने वाला है. पुलिस ने हर्ष की तलाश में गांव में भीदबिश दी थी. पूर्व में पुलिस ने फरार हर्ष के धैया स्थित आवास पर कुर्की काइश्तेहार भी चिपकाया था.

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