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‘बेटियों का करो सम्मान’ संगोष्‍ठी में हरीन्द्रानन्द बोले- बेटियां समाज में पूजनीय

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Ranchi: बेटियों के बिना परिवार अधूरा है. समाज में सम्मान तो दूर की बात है, हमारा अस्तित्व ही खतरे में आ जायेगा. क्योंकि, एक बेटी ही अपने जीवन में विभिन्न भूमिकाओं को निभाती हैं, वह भी कर्त्तव्यनिष्ठा के साथ. काफी सोचने वाली बात है कि समाज किस दिशा में जा रहा है, जहां बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम कर रही है फिर भी लोग बेटों की इच्छा करते है. उक्त बातें ‘बेटियों का करो सम्मान’ विषय आयोजित संगोष्‍ठी में शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फ़ाउंडेशन के वरेण्य गुरुभ्राता साहब श्री हरीन्द्रानन्द जी ने कहा. रांची के कार्निवाल हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान श्री हरीन्द्रानन्द ने कहा कि शिव की बनायी दुनिया में लोग भेदभाव क्यों करते हैं, जबकि शिव खुद भी अर्द्धनारीश्वर थे.

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संगोष्‍ठी को संबोधित करते गुरुभ्राता साहब श्री हरीन्द्रानन्द जी

सृष्टि को समझें लोग

श्री हरीन्द्रानन्द ने कहा कि शिव की बनायी दुनिया में लोगों को समाज को समझने की जरूरत है. यहां सृष्टि में भेदभाव की आवश्यकता नहीं है. शिव ने दुनिया की रचना ही प्रेम के लिए किया. ऐसे में समाज में मानवता का विकास हो, तभी मानव जीवन सुविकसित, समृद्ध होगी.

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बेटियों का मिलें बराबर का दर्जा

इस विषय में बोलते हुए फाउंडेशन के मुख्य सलाहकार अर्चित आनंद ने कहा कि समाज में बेटियों को बराबर का दर्जा मिले. इसके लिए सभी को कृतसंकल्पित होना होगा. हर परिवार में बेटियां सशक्‍त होंगी, तभी राज्य और देश में बेटियों की स्थिति में सुधार होगा. इन्होंने कहा कि शिव शिष्य फाउंडेशन देश की हर बेटी के साथ है. यह कोई नयी बात नहीं है, बल्कि ये ऐेसे मुद्दे हैं जो समय-समय पर समाज को जागरूक करते हैं. इस संगोष्‍ठी में बरखा, दिव्यांशु कुमार, रामेश्वर मंडल, कन्हैया सिंह समेत कई लोगों ने इस दौरान अपने विचार रखा.

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