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हामिद अंसारी ने कहा,  बंटवारे के लिए भारत भी पाकिस्तान जितना ही जिम्मेदार

अंसारी के अनुसार जहां भी किसी ने गलत काम किया तो आरोपों के घेरे में हमेशा विशेष वर्ग के लोग आते हैं.

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NewDelhi : भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी आजकल अपने बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं. अब हामिद अंसारी ने भारत-पाकिस्तान विभाजन पर विवादित बयान देते हुए भारत को भी जिम्मेदार ठहराया है.  बता दें कि दिल्ली में आयोजित सईद नकवी की किताब बीइंग द अदर-द मुस्लिम इन इंडिया के विमोचन समारोह में अंसारी ने कहा कि देश के बंटवारे में जितना पाकिस्तान जिम्मदार है, उतना भारत भी है.  पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि एकता के लिए बंटवारा जरूरी है. अंसारी के अनुसार जहां भी किसी ने गलत काम किया तो आरोपों के घेरे में हमेशा विशेष वर्ग के लोग आते हैं. इस क्रम में कहा कि भारत की जनसंख्या में 20 फीसदी धार्मिक अल्पसंख्यक हैं.

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हर सातवां आदमी मुस्लिम अल्पसंख्यक है

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इसमें 14 फीसदी मुसलमान हैं.  हर पांचवां शख्स धार्मिक अल्पसंख्यक है.  हर सातवां आदमी मुस्लिम अल्पसंख्यक है.  तो क्या इतनी बड़ी आबादी को आप गैर बना सकते हैं? हामिद अंसारी ने अपनी बात बढ़ाते हुए कहा किहमारे देश में 22 जुबान हैं, लेकिन इनमें से एक जुबान गायब हो गयी है, उसका नाम है हिंदुस्तानी.  बता दें कि हामिद अंसारी के इस विवादित बयान के बाद उनकी  चौतरफा आलोचना होनी शुरू हो गयी है. इससे पूर्व सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जमीर उद्दीन शाह की पुस्तक द सरकारी मुसलमान के विमोचन के मौके पर  पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने 2002 के गुजरात दंगों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 355 का इस्तेमाल क्यों नहीं किया, जबकि उसके रक्षा मंत्री मौके पर थे.

अंसारी ने दंगों पर शाह की पुस्तक की कुछ टिप्पणियों को उद्धृत करते हुए कहा,  नागरिक प्रशासन की प्रारंभिक प्रतिक्रिया सुस्त थी,  कर्फ्यू का आदेश दे दिया गया था, लेकिन वह लागू नहीं हुआ था. पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण था. उस समय भी अंसारी आलोचना के केंद्र में आये थे.

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