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हाल टेक्निकल यूनिवर्सिटी का : 22 हजार स्टूडेंट्स का है भार, नहीं है स्थायी वीसी और लेक्चरर

87 तकनीकी संस्थान है संबद्ध

Ranchi : राज्य की पहली टेक्निकल यूनिवर्सिटी अपने स्थापना वर्ष से अब तक स्थायी वाइस चांसलर लेकर कर्मचारियों की नियुक्ति की बाट जोह रहा है. साल 2015 में इसकी स्थापना हुई. साल 2018 से पूरी तरह से काम करने लगा है. लगभग 84 करोड़ रुपये की लागत से नामकुम में भवन भी है. पर स्थायी अधिकारी और कर्मचारी नहीं होने से यह विवि बेहतर तरीके से काम नहीं कर पा रहा है. जबकि इसके जिम्मे हजारों स्टूडेंट्स का भविष्य है.

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दांव पर है 22 हजार स्टूडेंट्स का भविष्य

इस टेक्निकल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत 87 तकनीकी संस्थान आते हैं. इसमें 64 पॉलिटेक्निक, 18 इंजीनियरिंग कॉलेज और 5 मैनेजमेंट संस्थान हैं. इन 87 संस्थान में 20 से 22 हजार स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन प्रभारी और सेवाविस्तार अधिकारियों के रहने से सत्र पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. तकनीकी संस्थान के विद्यार्थियों के हक के लिए आवाज उठाने वाले तकनीकी छात्रसंघ के अध्यक्ष बादल सिंह बताते हैं कि देश के दूसरे तकनीकी संस्थानों के सत्र समय पर पूरे होते हैं. लेकिन यहां ऐसा नहीं है. स्नातक कोर्स के अंतिम वर्ष की परीक्षा के लिए स्पष्ट निर्णय नहीं हो पाया है. तकनीकी विवि की इस व्यवस्था की वजह से 22 हजार स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर है.

ऐसी है यूनिवर्सिटी की व्यवस्था

सेवा विस्तार में वीसी : टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पहले वीसी बीआइटी मेसरा के डॉ गोपाल पाठक बनाये गये. वीसी डॉ गोपाल पाठक का कार्यकाल 14 जून 2020 को खत्म हो गया. इससे पहले 13 जून को नई नियुक्ति होने तक या फिर अधिकतम 4 माह तक राज्यपाल ने उन्हें सेवा विस्तार दिया. अब उनका कार्यकाल 13 अक्टूबर को समाप्त हो जायेगा. लेकिन अब तक वीसी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है. अब एक बार फिर सेवा विस्तार मिलने की उम्मीद है.

प्रभार में रजिस्ट्रार का पद : यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद यूनिवर्सिटी के पहले रजिस्ट्रार शिव विलास शाह बनाये गये थे. इनका कार्यकाल बीते पांच नवंबर को समाप्त हो गया. इसके बाद इन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया. ये अब भी सेवा विस्तार में ही काम कर रहे हैं. किसी भी विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार का पद सबसे अहम होता है ,लेकिन झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इसी पद को सबसे ज्यादा इग्नोर किया गया.

दो माह से खाली है फिनांस ऑफिसर का पद : विवि में बीते दो माह से कोई फिनांस ऑफिसर है ही नहीं. टेक्निकल विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी रवि प्रकाश रौनक थे. ये प्रतिनियुक्ति पर विवि में सेवा दे रहे थे. दो माह पहले प्रोन्नति होने के बाद इनका दुमका ट्रांसफर हो गया. इसके बाद से पद खाली है.

प्रभार में परीक्षा नियंत्रक का पद : किसी भी विवि में परीक्षा नियंत्रक का पद महत्वपूर्ण होता है. परीक्षा नियंत्रक की बात करें तो विवि में परीक्षा नियंत्रक अब भी प्रभार में है. तीन साल पहले पॉलिटेक्निक कॉलेज के व्याख्याता राजेश प्रसाद की प्रतिनियुक्ति की गई थी. वे अब भी पदभार संभाल रहे हैं.

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क्यों नहीं हो पा रही नियुक्ति नहीं

झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में अभी तक परिनियमन और नियुक्ति नियमावली नहीं बन पायी है. नियमन और नियुक्ति नियमावली का होना जरूरी है. अभी तक सिर्फ ड्राफ्ट तैयार किया गया है.

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