Education & Career

हाल-ए-आरयूः दो कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं कॉमर्स के लगभग एक हजार छात्र

Ranchi: रांची यूनिवर्सिटी में जहां परीक्षाएं देर से होना, रिजल्ट समय पर नहीं आना एक आम समस्या है. वहीं कमरों की कमी भी अब छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रही है.

रांची यूनिवर्सिटी स्थित कॉमर्स बिल्डिंग में मात्र दो कमरों में कॉर्मस की पढ़ाई होती है. जिससे छात्रों को परेशानी होती है. शुक्रवार को कॉमर्स बिल्डिंग गये वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय को छात्रों ने जिद्द कर बिल्डिंग का भ्रमण कराया.

साथ ही बिल्डिंग के कमरों और शौचालय समेत अन्य समस्याओं की जानकारी दी. हालांकि छात्रों में आक्रोश देख वीसी छात्रों से दूर भागते नजर आयें. लेकिन छात्रों की समस्या के सामने उनकी नहीं चली. छात्रों ने इस दौरान वीसी को जानकारी दी कि कमरे कम होने के कारण क्लास सही से नहीं हो पाते. पीजी में एक-एक क्लास दो-दो घंटे की होने के कारण छात्रों को विशेष परेशानी होती है.

advt

इसे भी पढ़ें – बेरमोः आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने कीटनाशक खाकर की आत्महत्या

25*8 के कमरे में बैठते हैं तीन सौ छात्र

छात्रों ने जानकारी दी कि कमरे कम होने के कारण क्लास नहीं हो पाते. 25 बाई आठ के कमरे में लगभग तीन सौ छात्र एक बार में बैठते हैं. पीजी को देखें तो वर्तमान में सेमेस्टर के अनुसार कक्षाएं चलती हैं. ऐसे में यूनिवर्सिटी के कॉमर्स बिल्डिंग में कम-से-कम और दो कक्षाएं होनी चाहिये.

समय सारणी का भी पालन नहीं हो पाता. कई बार शिक्षकों को क्लास लेने की जानकारी दी जाती है, लेकिन कमरे नहीं होने के कारण शिक्षक भी मना कर देते है.

छात्राएं हैं अधिक लेकिन तरीके का बाथरूम तक नहीं

कॉमर्स में छात्राओं की संख्या अधिक है. ऐसे में इनके लिये बिल्डिंग में बाथरूम तक की सही सुविधा नहीं है. खुद छात्राओं से जानकारी मिली की बिल्डिंग में बाथरूम तो है लेकिन दरवाजा पूरी तरह टूट चुका है.

adv

हालांकि इसकी जानकारी कई बार वीसी को दी गयी. लेकिन कभी भी बिल्डिंग में मरम्मत कार्य नहीं कराया गया. छात्राओं से जानकारी मिली की कॉमर्स बिल्डिंग में पीने तक का पानी नहीं है. लंबे समय से बिल्डिंग में मरम्मत नहीं होने के कारण भी बिल्डिंग जीर्ण-शीर्ण हो चुका है.

वीसी ने कहा दो दिन में शुरू किया जायेगा कार्य

छात्रों को आश्वासन देते हुए वीसी डॉ रमेश कुमार पांडे ने कहा कि दो दिन में मरम्मत कार्य शुरू किया जायेगा. वहीं छात्रों की समस्या को देखते हुए जल्द ही वैकल्पिक कमरों की व्यवस्था की जायेगी.

इसे भी पढ़ें – जस्टिस हरिश्चंद्र मिश्रा बने झारखंड हाइकोर्ट के नये एक्टिंग चीफ जस्टिस

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button