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हाल-ए-मनरेगाः कार्यस्थल पर नहीं मुहैया करायी जाती सुविधा, हादसे में जान गंवा रहे मजदूर

11 मई 2019 को लातेहार के बरवैया पंचायत स्थित चामा गांव के पूरन सिंह के यहां निर्माणाधीन सिंचाई कूप धंसने से 3 मनरेगा श्रमिक की मौत, 2 घायल

मनिका में मनरेगा योजना में बगैर कार्य की मांग किये करायी जा रही मजदूरी

Ranchi: झारखंड में मनरेगा जैसी योजना बड़े पैमाने पर चल रही है. इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि कम मजदूरी मिलने के बाद भी लोग मनरेगा की तहत काम करते हैं.

उन्हें रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं. वहीं कार्यस्थल पर मनरेगा योजना के संचालक मनमाने तरीके से काम करा रहे हैं. कार्यस्थल पर मनरेगा गाइडलाइन का अऩुसरण नहीं किया जाता.

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गाइडलाइन के तहत कार्यस्थल पर योजना बोर्ड, फर्स्ट ऐड बॉक्स, शुद्ध पेयजल, सूचना बोर्ड लगना अनिर्वाय है. लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कार्यस्थल पर उपरोक्त सुविधा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. ऐसे में कहीं अगर कोई हादसा हो जाता है तो इसका खामियाजा मनरेगा मजदूरों को भुगतना पड़ता है.

मनिका में मनरेगा में बगैर कार्य की मांग किये करायी जा रही मजदूरी

लातेहार जिला में मनरेगा योजनाओं में कई तरह के घपले और घोटाले सामने आ चुके है. इसके बाद भी अधिकारी गड़बड़ियों को दूर किये बिना कार्य का संचालन लगातार कर रहे हैं. ऐसे में इस घटना ने बड़ा सवाल खड़ा किया है.

मनिका में मनरेगा योजना के तहत बगैर कार्य की मांग किये ही श्रमिकों से काम करवाया जा रहा है. हालांकि, मनरेगा के नियम के तहत ये गैर-कानूनी है.

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वहीं जिला में अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही बरवैया कला पंचायत में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 279 योजनाएं स्वीकृत की गई है. इसी प्रकार जान्हो पंचायत में 381 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है.

जबकि पहले से ली गई योजनाओं को पूर्ण किया ही नहीं जा रहा है. अकेले वार्ड सदस्य पुरन सिंह एवं उनकी पत्नी के नाम यह चौथी योजना है. दोनों पति-पत्नी का अलग-अलग जॉब कार्ड भी है.

जिनका जॉब कार्ड नहीं वह भी कर रहे मजदूरी हादसे में हुए घायल

11 मई को लातेहार जिला के स्थित मनिका प्रखंड के बरवैया कला पंचायत में तीन मजदूर की मौत काम के दौरान हो गयी. इसमें यशवंत सिंह पिता प्रसाद सिंह (जॉब कार्ड 2561) उम्र 22 वर्ष है, नन्देव सिंह पिता चमार सिंह (जॉब कार्ड 2567) उम्र 33 वर्ष है और दामोदर उरांव पिता शन्कियार उरांव (जॉब कार्ड 9444) उम्र 31 वर्ष शामिल हैं.

वहीं मजदूर विनय सिंह (जॉब कार्ड 1269019) एवं जितेन्द्र सिंह घायल हैं, जबकि उनके नाम से जॉब कार्ड नहीं है.

लातेहार में मनरेगा को चला रहे ठेकेदार

मनरेगा अधिनियम के अनुसार, मनरेगा योजनाओं में वैसे ही श्रमिकों को कार्य में लगाया जाना है, जिन्होंने विधिवत कार्य की मांग की हो. लेकिन मनिका प्रखंड सहित पूरे जिले में ठेकेदारों के द्वारा मजदूरों से कार्य मांग कराये जाते हैं.

चामा गांव के पूरन सिंह के निर्माणाधीन सिंचाई कूप में हुई घटना से एक दिन पूर्व 8 मजदूर ऐसे काम कर रहे थे, जिसे बिचैलियों के द्वारा काम पर लगाया गया था.

उनमें जितेन्द्र सिंह, सतवन सिंह, दामोदर उरांव, बसंत सिंह, दीपक सिंह, पाबितरी देवी, रिंकू देवी एवं नीरा देवी थी. और इन मजदूरों ने दुघर्टना की आशंका भी जतायी थी.

कब घटी घटना

11 मई शनिवार को दोपहर में आराम करने के बाद जब मजदूर दोबारा काम पर लौटे, उस समय दिन के करीब 3 बजकर 40 मिनट हो रहे थे.

अभी 5 मजदूर अन्दर खुदाई किये हुए मिट्टी को उठा रहे थे. महिला मजदूर मिट्टी ढोने के लिए कुएं में उतरने की तैयारी कर ही रही थी. तभी ऊपर से जहां पुराने कूप में मिट्टी भरा गया था, अचानक भरभरा कर कुप में गिर पड़ा.

2 मजदूरों ने किसी प्रकार भाग कर अपनी जान बचाई. शेष 3 श्रमिक जब तक कुछ समझ पाते करीब 5-6 ट्रैक्टर मिट्टी धंस गयी, जिसके नीचे मजदूर दब गये थे.

उनमें से एक मजदूर का सिर्फ हाथ दिखाई पड़ रहा था. उसे बचाने के लिए वहां मौजूद मजदूर और ग्रामीणों ने काफी मशकत की, लेकिन कुआं में मौजूद पानी और मिट्टी मिलने से वह दलदल बन गया और उसे बचाया नहीं जा सका.

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