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हाल-ए-जैक: शिक्षकों की दोगुनी बढ़ी जिम्मेवारियां, लेकिन मानदेय हाफ, टीए-डीए पूरा साफ

Ranchi : मैट्रिक और इंटर की कॉपियों की जांच करना इस बार शिक्षकों को आसान नहीं लग रहा है. राज्य भर के विभिन्न सेंटर्स में कॉपियों का मूल्यांकन कर रहे शिक्षक अब विरोध प्रदर्शन के साथ ही आंदोलन करने के मूड में आने लगे हैं. कुछ दिनों पहले तक वह इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुने जाने की वजह से अब आंदोलन की ओर शिक्षक रुख कर रहे हैं. दरअसल ऐसा हो रहा है झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से कराए जा रहे मूल्यांकन पैटर्न की वजह से.

इस साल जहां शिक्षकों के ऊपर कॉपियां जांचने की जिम्मेवारी दोगुनी हो गई है, वही मूल्यांकन के बदले जो राशि दी जाती थी वह आधी कर दी गई है. इतना ही नहीं शिक्षकों को जो टीए-डीए मिला करता था उसे भी बंद कर दिया गया है. साथ ही साथ सेंटर्स पर भी कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है. कहीं पानी ना होने की वजह से परेशान हैं तो कहीं पंखा ना रहने की वजह से. बीते दिनों चास के राम रूद्र प्लस टू हाई स्कूल में कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों ने अपना विरोध दर्ज किया और आंदोलन की चेतावनी दी. इसी तरह की शिकायत राज्य भर के कई सेंटर से आ रही है.

क्यों हो रही है परेशानी

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जून के अंतिम सप्ताह तक मैट्रिक इंटर का रिजल्ट जारी करने की तैयारी झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने कर रखी है. इसी को ध्यान में रखते हुए बीते 13 मई से कॉपियों का मूल्यांकन भी शुरू हो चुका है. रिजल्ट जारी करने के अपने टारगेट को पूरा करने के लिए जैक एक शिक्षक को 70 कॉपियों के मूल्यांकन की जिम्मेवारी दे रखी है. जबकि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के पैटर्न को फॉलो करने की बात करने वाले झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने कॉपी जांचने की नियमावली को ही ध्यान में नहीं रखा. सीबीएसई की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक अधिकतम 35 कॉपियां ही एक शिक्षक कर सकते हैं. जबकि जैक ने इस संख्या को दोगुना कर रखा है. शिक्षकों का कहना है कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने मैट्रिक और इंटर की लिखित परीक्षा आधे अंक की जरूर ली है, लेकिन कॉपियों का मूल्यांकन दोगुना करवा रहा है.

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इस बार जैक ने 5 दिनों का समय के आधार पर शिक्षकों को मिलने वाली राशि तय की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार एक परीक्षक को 70 उत्तर पुस्तिका की दर से कुल 350 कॉपियां जांचने हैं. इन्हीं 350 कॉपियों के बदले उन्हें राशि का भुगतान किया जाएगा. यह 350 कॉपियां 5 दिनों में जांचनी हैं. अगर किसी शिक्षक ने छठे या सातवें दिन कॉपियों का मूल्यांकन पूरा किया तो उन्हें केवल 5 दिनों का ही पैसा दिया जाएगा ना कि छठे और सातवें दिन का.

अब तक क्या होता आया है

विभिन्न सेंटर पर कॉपियों का मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों ने बताया कि अबतक मैट्रिक की एक कॉपी जांचने के बदले 16 रुपये दिए जाते थे जिसे इस बार घटाकर 8 रुपये कर दिया गया है. वहीं इंटरमीडिएट में भी एक कॉपी के मूल्यांकन के बदले 20 रुपये दिए जाते थे लेकिन इस बार इसे कम कर 10 रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा टीए-डीए देने का प्रावधान था जिसे इस बार समाप्त कर दिया गया है.

 

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