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हाल-ए-सरकारी स्कूलः 10 जिलों में सरकारी स्कूलों में हेडमास्टर के 700 पद अरसे से हैं खाली, +2 स्कूलों का भी हाल बेहाल

RANCHI. राज्य में सर्व शिक्षा अभियान के तहत 9 हजार 898 उत्क्रमित मिडिल स्कूलों में अरसे से हेडमास्टर का संकट है. बगैर इसके ही इन स्कूलों का संचालन जारी है. इनमें पद सृजित ही नहीं हैं. केंद्र सरकार की शर्तों के मुताबिक अभियान के अतंर्गत प्रत्येक उत्क्रमित स्कूल में 3 संविदा आधारित पदों का सृजन किया गया है. इन पर पारा शिक्षक कार्यरत हैं. पर हजारीबाग, साहेबगंज समेत 10 जिले ऐसे हैं जहां प्रधानाध्यापक के लिये कुल 711 पद स्वीकृत हैं पर इनमें से एक में भी अभी कोई कार्यरत नहीं है. जाहिराना तौर पर मिडिल स्कूलों में हेडमास्टर के अभाव में पठन पाठन सेवाओं पर असर पड़ रहा है.

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विधानसभा में भी उठे सवाल

विधायक बिरंची नारायण ने पिछले दिनों शीतकालीन सत्रों में मिडिल स्कूलों सहित 510 स्कूलों (+2 वाले), 260 कस्तूरबा गांधी एवं झारखंड बालिका आवासीय स्कूलों, 89 झारखंड मॉडल स्कूलों में हेडमास्टर की कमी का मसला उठाया था. जवाब में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने बताया कि हजारीबाग के मिडिल स्कूलों में हेडमास्टर के 124 पद स्वीकृत हैं जिनके विरूद्ध एक में कोई कार्यरत नहीं है. इसी तरह सरायकेला-खरसावां (100), साहेबगंज (87), पाकुड़, चतरा (81-81), सिमडेगा (80), लोहरदगा (68), खूंटी (65) रामगढ़ और कोडरमा (53-53) में स्वीकृत पदों पर एक भी हेडमास्टर अभी नहीं हैं.

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राज्य में +2 हाई स्कूलों की संख्या 510 है. इसके लिए हेडमास्टर के 59 पद स्वीकृत हैं. राज्य स्थापना (15 नवंबर 2000) के पूर्व सभी पदों पर हेडमास्टर कार्यरत थे. फिलहाल 451 हेडमास्टर के पद सृजन की प्रक्रिया पर काम जारी है. 2326 हाई स्कूलों की संख्या 2326 है. अभी 189 स्कूलों में हेडमास्टर के पद सृजित ही नहीं हैं.
कस्तूरबा गांधी और मॉडल स्कूलों में हेडमास्टरों की कमी नहीं है. राज्य में 260 कस्तूरबा गांधी एवं झारखंड बालिका आवासीय स्कूल हैं. इनमें प्राचार्य के एक-एक पदों के अलावा स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों के 11-11 पद भी सृजित हैं. 89 मॉडल स्कूलों में सबों में एक-एक हेडमास्टर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं. इनके लिए नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली के गठन की कार्रवाई अभी सरकार के स्तर से जारी है.

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