NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

थाईलैंड : गुफा से सभी 13 वाइल्ड बोर्स सुरक्षित निकाले गये, मिशन पूरा

389

Mae sai : थाईलैंड की बाढ़ ग्रस्त गुफा से फुटबॉल टीम के 12 लड़कों और उनके कोच को सुरक्षित निकाले जाने के बाद फेसबुक पर पोस्ट कर बताया गया कि सभी सुरक्षित हैं. इन तीन शब्दों के साथ दुनियाभर का ध्यान खींचने वाली 18 दिन की यह कठिन परीक्षा समाप्त हुई जिसमें एक अनुभवी गोताखोर को अपनी जान भी गंवानी पड़ी. बचाव कार्य में मुख्य भूमिका में रही थाईलैंड के नेवी सील्स ने इस साहसिक कार्य का जश्न कल शाम एक पोस्ट के जरिए मनाया. इसमें उन्होंने लिखा, सभी 13 वाइल्ड बोर्स अब गुफा से बाहर हैं. वाइल्ड बोर बच्चों की फुटबॉल टीम का नाम है.

हमें नहीं पता कि यह कोई करिश्मा है, विज्ञान है या क्या है

पोस्ट में कहा गया कि हमें नहीं पता कि यह कोई करिश्मा है, विज्ञान है या क्या है. बता दें कि रविवार और सोमवार को थाईलैंड और अंतरराष्ट्रीय गोताखोरों के एक दल ने आठ लड़कों को बाहर निकाला. मंगलवार को अंतिम बचे चार लड़कों और उनके कोच को गुफा से बाहर लाया गया. इन सभी के सुरक्षित बाहर आने के बाद एक चिकित्सक और तीन सील गोताखोर भी गुफा से बाहर आये जो कई दिनों तक इन लड़कों के साथ अंदर गुफा में मौजूद थे.

इसे भी पढ़ें- केरल : सीपीआई एम को याद आ गये भगवान राम, 15 जुलाई से 15 अगस्त तक रामायण पाठ की योजना

इन लोगों को बेहद खतरनाक रास्ते से निकाला गया

madhuranjan_add

अत्यंत जोखिम भरे इस मिशन के पूरा होने का समाचार मिलते ही बड़ी संख्या में मौजूद स्वयंसेवी और पत्रकारों ने इस साहसिक कार्य की वाहवाही की. गुफा से बाहर निकाले जाने के बाद लड़कों के अस्पताल पहुंचने पर सड़कों पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और वाहवाही की. इन लोगों को बेहद खतरनाक रास्ते से निकाला गया जिसमें पानी से भरी संकरी सुरंग शामिल हैं. निकाले गये किशोरों की उम्र 11 से 16 वर्ष के बीच है. ये किशोर फुटबाल का अभ्यास करने के बाद 23 जून को उत्तरी थाईलैंड के पर्वतीय क्षेत्र में स्थित थाम लुआंग गुफा में चले गये थे.

गुफा में अंदर जाने के बाद भारी बारिश होने से बाढ़ का पानी गुफा के भीतर घुस गया और गुफा से निकलने का रास्ता कीचड़ और फिसलन भरा होने के कारण बहुत खतरनाक हो गया. इन लोगों ने नौ अंधकारमय दिन गुफा में बिताये. इस विभीषिका से गुजरने वाले लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है. विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि दूषित पानी अथवा पक्षियों या चमगादड़ों के मल से संक्रमित होने वाले पानी के कारण फंसे हुए लोगों को खतरनाक संक्रमण हो सकता है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Averon

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: