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ज्ञानवापी प्रकरण: काशी-विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत ज्ञानवापी परिसर से मिले शिवलिंग की पूजा-अर्चना की अनुमति मांगेंगे

Varanasi: ज्ञानवापी प्रकरण पर आज फिर वाराणसी कोर्ट में सुनवाई है. जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई होगी. इस क्रम में मुकदमे की वादिनी महिलाओं, DGC सिविल और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के प्रार्थना पत्र और आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी. मामले को लेकर आज एक और याचिका दायर की जाएगी. श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ कुलपति तिवारी ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की पूजा-अर्चना की अनुमति के लिए याचिका दायर करेंगे.

 

जिला जज की अदालत इस मसले पर भी सुनवाई करेगी कि ज्ञानवापी प्रकरण में उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 लागू होता है या नहीं. इससे पहले मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर आदेश दिया है कि जिला जज आठ हफ्ते में सुनवाई करें. तब तक शिवलिंग के दावे वाली जगह को सुरक्षित रखा जाए. मुस्लिमों को नमाज पढ़ने से न रोका जाए.

 

इधर, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा है कि ज्ञानवापी परिसर में जो शिवलिंग मिला है, उसकी नियमित पूजा-अर्चना होनी चाहिए. डॉ. तिवारी ने कहा कि इतने लंबे इंतजार के बाद बाबा मिले हैं, तो उनकी पूजा-अर्चना न होना शिव भक्तों के लिए बेहद कष्टकारी होगा. उन्होंने कहा कि अदालत में याचिका दाखिल कर मांग करेंगे कि उन्हें बाबा के शृंगार, भोग-राग, स्नान, साफ-सफाई और पूजा-पाठ का अधिकार मिले. हालांकि, हिंदू पक्ष जिसे शिवलिंग बता रहे हैं मुस्लिम पक्ष उसे फव्वारा करार दे रहा है.

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