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#CAB पर बवाल के बीच हटाये गये गुवाहाटी के पुलिस प्रमुख, अन्य अधिकारियों का भी तबादला

Guwahati: असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच गुरुवार को गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया.

आयुक्त और सचिव (गृह एवं राजनीति) आशुतोष अग्निहोत्री ने बताया कि गुवाहाटी के पुलिस प्रमुख दीपक कुमार को हटाकर उनके स्थान पर मुन्ना प्रसाद गुप्ता को नियुक्त किया गया है. गुप्ता इससे पहले आइजीपी (प्रशिक्षण एवं सशस्त्र पुलिस में) तैनात थे. कई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों (एडीजीपी) और पुलिस अधीक्षकों (एपी) का भी तबादला किया गया है. 

किन्हें क्या बनाया गया

उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) मुकेश अग्रवाल का स्थानांतरण कर पहले एडीजीपी (सीआइडी) बनाया गया था लेकिन आदेश में बाद में संशोधन किया गया और उन्हें अब एडीजीपी (सीमा) बनाया गया है. जीपी सिंह को अग्रवाल की जगह एडीपीजी (कानून एवं व्यवस्था) बनाया गया है.

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अग्निहोत्री के मुताबिक, सिंह इससे पहले दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिरीक्षक पद पर तैनात थे. अधिसूचना के मुताबिक, एडीजीपी (सीआइडी) एल आर बिश्नोई का पहले स्थानांतरण कर एडीजीपी (प्रशिक्षण एवं सशस्त्र पुलिस बल) बनाया गया था, लेकिन बाद में आदेश में संशोधन किया गया है और वह एडीजीपी (सीआइडी) के पद पर तैनात रहेंगे.

इसके अलावा आदेश में बताया गया है कि डिब्रुगढ़, जोरहट, धेमाजी, उदलगुरी, डिमा हासाओ, गुवाहाटी पूर्वी जोन, सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी और सीमा के पुलिस अधीक्षकों को भी बदला गया है.

गोवाहाटी पूर्व के पुलिस उपायुक्त रंजन भुइंया की जगह सुहासनी संकरा को तैनात किया गया है. भुइंया को पुलिस उपायुक्त (यातायात) बनाया गया है. उन्होंने बताया कि एडीजीपी एसएन सिंह और पुलिस उप महानिरीक्षक आनंद प्रकाश तिवारी को भी राज्य में कानून व्यवस्था की निगरानी के काम में लगाया गया है.

मेघालय में भी इंटरनेट बंद

असम की तरह अब मेघालय में भी गुरुवार को इंटरनेट और एसएमएस सर्विस पर रोक लगा दी गयी है. यह रोक अगले 48 घंटे तक लागू रहेगी. सरकार ने तनाव को लेकर फैल रही अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया है.

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उल्लेखनीय है कि हजारों लोग गुवाहाटी में कर्फ्यू का उल्लंघन कर नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे. इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आये गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है. 

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