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Gumla : शौचालय निर्माण कार्य में अनियमितता की जांच शुरू, सच सामने आयेगा क्या?

Gumla : दो अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को ओडीएफ देश घोषित किया. भारत सरकार के पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार देश में 10,07,51,312 (10 करोड़ से ज़्यादा) टॉयलेट बनाये जाने का बात कही गयी है. इसी वेबसाइट में झारखंड में 42,18,560 शौचालय निर्माण का दावा किया गया है.

वहीं गुमला जिले के सिसई विधानसभा क्षेत्र, जहां से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विधायक रह चुके हैं, उनके कार्यकाल के दौरान सिसई प्रखंड की सभी 18 पंचायतों में वर्ष 2018- 19 तक 20,941 शौचालयों का निर्माण किया गया था. हालांकि 2018 में झारखंड सहित पूरा गुमला जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है लेकिन अभी भी शौचालय निर्माण के कार्य आधे अधूरे हैं. केन्द्रीय टीम झारखंड दौरे के क्रम में शौचालय निर्माण कार्य में नाराजगी जाहिर कर चुकी है

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सिसई प्रखंड की 18 पंचायतों में शौचालय निर्माण कार्य में हुई अनियमितता

सिसई प्रखंड में कुल 18 पंचायतें शामिल हैं, सभी पंचायत क्षेत्रों में शौचालय निर्माण कार्य में जमकर अनियमितता बरतने के मामले उजागार होते जा रहे हैं. सरकारी नियम कानूनों का जमकर उल्लंघन कर शौचालय निर्माण कार्य में लाभुकों से काम कराने और पारिश्रमिक मजदूरी की राशि का भी भुगतान नहीं करने की बात ग्रामीण कहने लगे हैं.

इतने घटिया शौचालय बनाये गये हैं कि उसका उपयोग भी ग्रामीण नहीं कर रहे हैं. इन सब बातों की जानकारी राज्य सरकार को भी है. सिसई प्रखण्ड में शामिल 18 पंचायतों में लरंगो, घाघरा, पूसो, बोंडो, भुरसो, छारदा, घाघरा, शिवनाथपुर, कुदरा,भदौली, सिसई, बरगांव उत्तरी, बरगांव दक्षिणी, मुर्गू, रेडवा, पंडरिया,लकेया,नगर, ओलमुंडा शामिल है.

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केन्द्रीय टीम की अपत्ति के बाद गुमला में शौचालय निर्माण का सत्यापन शुरू

सभी पंचायत क्षेत्रों में शौचालय निर्माण कार्य में गड़बड़ी होने की शिकायतें मिलती रही हैं. इन दिनों राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देश पर शौचालय निर्माण कार्य का जांच कार्य शुरू किया गया था. सभी पंचायत क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के नाम पर खानापूर्ति हुई है. बताते चलें कि शौचालय निर्माण कार्य पंचायत के माध्यम से किये गये हैं.

जिसके कर्ताधर्ता हेड मुखिया होते हैं. लेकिन मुखिया के मातहत कर्मचारी पंचायत सचिव सह पंचायत सेवक, रोजगार सेवक आदि को मुखिया के साथ जांच एवं सत्यापन कार्य में लगा दिया गया है. ऐसे में शौचालय निर्माण का सत्यापन, जांच कार्य प्रभावित होता नजर आ रहा है.

क्या कहते हैं प्रखड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार

प्रखंड में अभी शौचालय निर्माण कार्य का सत्यापन किया जा रहा है. जिनके ऊपर शौचालय निर्माण कार्य का दायित्व था, जैसे मुखिया और जल सहिया, उनको सत्यापन कार्य से दूर रखा गया है. जहां शौचालय निर्माण कार्य अधूरे हैं, वहां शौचालय निर्माण करने को कहा गया है. पंचायत सेवक ,जनसेवक और जेई सत्यापन कार्य में लगे हुए हैं.

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