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40 लाख से कम टर्नओवर पर GST नहीं, कंपोजीशन स्कीम की लिमिट 1.5 करोड़ रुपए

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New Delhi: जीएसटी काउंसिल की 32वीं बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने छोटे कारोबारियों का राहत दी है. जीएसटी काउंसिल ने कंपोजिशन स्कीम और जीएसटी की सीमा में कई बदलाव किए हैं. कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है. आम भाषा में समझें तो अब डेढ़ करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले निर्माता को इस स्कीम का फायदा मिलेगा. नया नियम इस साल 1 अप्रैल से लागू होगा.

40 लाख से कम टर्नओवर पर जीएसटी नहीं

जीएसटी काउंसिल ने आज जीएसटी के दायरे को बढ़ाते हुए छोटे कारोबारियों को राहत दी है. अभी 20 लाख रुपए तक टर्नओवर करने वाले कारोबारी जीएसटी के दायरे में आते हैं. अब 40 लाख टर्नओवर वाले जीएसटी के दायरे में आएंगे. इसके साथ ही छोटे राज्यों में जो लिमिट 10 लाख थी, वो लिमिट 20 लाख रुपए कर दी गई है. इस कारण कई छोटे कारोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर हो जाएंगे. इतना ही नहीं इन छोटे कारोबारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन का झंझट नहीं रहेगा.

रिटर्न फाइल करने में भी छूट

इसके अलावे जीएसटी काउंसिल ने एसएमई को वार्षिक रिटर्न फाइल करने की छूट दे दी है. जिसका मतलब है कि 1 अप्रैल 2019 से इन कारोबारियों को साल में एकबार ही रिटर्न भरना होगा. इन छोटे कारोबारियों को हर तिमाही टैक्स भरना होगा. हालांकि, पहले इनको हर तिमाही में रिटर्न भी भरना होता था.

वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में 50 लाख तक का कारोबार करने वाली सर्विस सेक्टर यूनिट को भी कंपोजिशन स्कीम के दायरे में लाया गया है. इस पर 6 फीसदी की दर से कर लगेगा. जीएसटी काउंसिल ने केरल 2 साल तक अधिकतम 1% तक का आपदा सेस लगाने को मंजूरी दी है. बैठक में रिएल एस्टेट सेक्टर के लिए जीएसटी दर घटाने पर सहमति नहीं बन पाई. इसके लिए 7 सदस्यीय मंत्री समूह की कमेटी बनाई गई है.

ज्ञात हो कि जीएसटी काउंसिल की बैठक दिल्ली में वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सभी राज्यों के वित्तमंत्री शामिल होते हैं. जीएसटी से जुड़े हुए सभी मामलों पर फैसला जीएसटी काउंसिल ही लेती है. वहीं काउंसिल की 31वीं बैठक में 26 चीजों पर टैक्स की दर को कम किया गया था.

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