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हरियाली रांची के लिए निकाली गयी साइकिल मार्च

रांची को एक श्रेष्ठ शहर बनाने की कही गयी बात

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Ranchi : हमें चाहिए खेल का मैदान, रांची को कंक्रीट का जंगल मत बनाओ! इस नारे के साथ रांची के नागरिकों ने आजादी की सुबह साइकिल मार्च निकाला था. मेन रोड स्थित बिग बाजार से जयपाल सिंह स्टेडियम तक इस ग्रुप साइकिल राइड में 100 से भी अधिक लोगों ने भाग लिया. इस ग्राइड को जयपाल सिंह मुंडा के पुत्र श्री जयंत जयपाल सिंह मुंडा और पुत्री श्रीमती जानकी सिंह ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया. मौके पर साइकिल-उत्साही मित्रों की हौसला अफजाई के लिए श्री अजीत साहू, श्रीमती महुआ माझी समेत समाज के कई गणमान्य और वरिष्ठ लोग उपस्थित थे.

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रांची को एक श्रेष्ठ शहर बनाने की बात कही गयी

इस राइड में झारखण्ड सिविल सोसाइटी मंच की ओर से विकास सिंह, आरपी शाही, डॉ विष्णु राजगढ़िया, अंचल किंगर, राजेश दास, अतुल गेरा, खुशबू कटारुका, श्वेतांक श्रीवास्तव, अजय सिंह, नंदिता सान्याल, बालेशर सिंह शामिल हुए. सायकिल मार्च में जेसिया से कमल अग्रवाल और अजय, साइकिल दोस्त से गणेश रेड्डी, संजीव शेखर और उनके साथी, संदीप राजगढ़िया, बीरेंदर कुमार, सुशील ढांढानिया, विक्की सलूजा, डॉ राकेश अग्रवाल मुख्य थे. इस मौके पर झारखंड सिविल सोसाइटी मंच द्वारा जारी संदेश में यह कहा गया कि रांची शहर हमारा है, और हमें ही इसे भविष्य की राह दिखानी है, सिर्फ बैठकर या सरकारी तंत्र को कोसने से ज्यादा कुछ हासिल नहीं होगा. हमें रांची को एक श्रेष्ठ शहर बनाना है.

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दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही शहर की हालत

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वर्तमान में रांची शहर की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, तालाबों-पार्कों-मैदानों-खुले क्षेत्रों में धड़ल्ले से भविष्य के पर्यावरण के नफा-नुकसान के आकलन के बिना भारी निर्माण किये जा रहे हैं, जो काफी विनाशकारी हैं. सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. जिसकी वजह से गाड़ियां सड़कों पर रेंग रही है, और उनसे निकलता जहरीला धुआं पूरे वायुमंडल को प्रदूषित कर रहा है.

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