NationalSports

#BalbirSingh: हॉकी के महान खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का 96 साल की उम्र में निधन

Chandigarh: तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का सोमवार को निधन हो गया. वो 96 साल के थे. और पिछले दो सप्ताह से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. 96 वर्षीय बलबीर सिंह के परिवार में बेटी सुशबीर और तीन बेटे कंवलबीर, करणबीर और गुरबीर हैं.

इसे भी पढ़ेंःदो महीने बाद आंध्र प्रदेश व प. बंगाल को छोड़ देश में शुरू हुई घरेलू विमान सेवा, राज्यों के अपने-अपने नियम

18 मई से गंभीर थी हालत

मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के निदेशक अभिजीत सिंह ने न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया,‘ उनका सुबह 6 . 30 पर निधन हुआ.’ बाद में उनके नाती कबीर ने एक संदेश में कहा, ‘ नानाजी का सुबह निधन हो गया.’

बलबीर सीनियर को आठ मई को वहां भर्ती कराया गया था. वह 18 मई से सेमी कॉन्सिएस हालत में थे और उनके दिमाग में खून का थक्का जम गया था. उन्हें फेफड़ों में निमोनिया और तेज बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पिछले दो साल में चौथी बार उन्हें अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया. पिछले साल जनवरी में वह फेफड़ों में निमोनिया के कारण तीन महीने अस्पताल में रहे थे.

adv

इसे भी पढ़ेंःधनबाद :  रैयत ने ईसीएल के मुगमा जीएम पर लगाया जाति सूचक गाली देने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप

हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह सीनियर

देश के महानतम एथलीटों में से एक बलबीर सीनियर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा चुने गए आधुनिक ओलंपिक इतिहास के 16 महानतम ओलंपियनों में शामिल थे.

1948 में लंदन में ओलंपिक फाइनल जीतने के बाद बलबीर सिंह सीनियर (फोटो- फेसबुक)

हेलसिंकी ओलंपिक (1952) फाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ पांच गोल का उनका रिकॉर्ड आज भी कायम है. उन्हें 1957 में पद्मश्री से नवाजा गया था.

बलबीर सीनियर ने लंदन (1948), हेलसिंकी (1952) और मेलबर्न (1956) ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीते थे. वह 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर भी थे.

कौशल के मामले में मेजर ध्यानचंद के समकक्ष कहे जाने वाले बलबीर सीनियर आजाद भारत के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से थे . वह और ध्यानचंद भले ही कभी साथ नहीं खेले लेकिन भारतीय हाकी के ऐसे अनमोल नगीने थे जिन्होंने पूरी पीढी को प्रेरित किया .

पंजाब के हरिपुर खालसा गांव में 1924 में जन्मे बलबीर को भारत रत्न देने की मांग लंबे अर्से से की जा रही है . पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने तो इसके लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है .

इसे भी पढ़ेंः#Lockdown: रोजी-रोजगार की चिंता में पलामू के युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button