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बिना कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के झारखंड में चल रही महागठबंधन की सरकार

कांग्रेस विधायकों ने की थी आवाज बुलंद, नतीजा सिफर

Rajesh Tiwari

Ranchi: झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के दो साल पूरे होने को हैं. लोकहित में और बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ने को महागठबंधन के दलों के बीच एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (सीएमपी) बनाया जाना था. करीबन दो वर्ष बीत गये. अब तक मूर्तरूप देने की बात तो दूर, कागजी कोरम भी अब तक शुरू नहीं हो पाया है. इसका ठीकरा सभी कोरोना पर फोड़ते रहते हैं. भले ही राज्य में तमाम गतिविधियां शुरु हो चुकी है पर सीएमपी के लिये गुंजाईस नहीं बन पा रही है. गाहे-बगाहे कांग्रेस और राजद के लोग भले ही इसकी बातें करते रहते हैं. पर नतीजा सिफर ही है. सरकार में अब तक ऐसी कोई समन्वय वाली बात कुछ नहीं दिख रही है.

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2019 में सरकार बनाते समय महागठबंधन दलों ने एकजुटता दिखाने औऱ इसे मजबूती देने के लिये आपस में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत काम करने की योजनी बनायी थी. गठबंधन के मौजूदा सभी दल अपनी ढपली अपना राग अलाप रहे हैं. जो स्थिति दिख रही है, उसमें दो सालों में चले ढाई कोस वाली कहावत अक्षरशः लागू हो रही है.

सीएमपी के लिये रांची से दिल्ली तक की दौड़

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर कांग्रेसी विधायकों दीपिका पांडेय, अंबा प्रसाद, पूर्णिमा नीरज सिंह व ममता देवी ने कई बार आवाज उठायी है. विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे डॉ रामेश्वर उरांव के पास कई बार इस विषय को रखा. दिल्ली दरबार में भी इसकी चर्चा होती रही. आलमगीर आलम ने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिये जाने की बात कही थी. पर अब भी इस दिशा में प्रगति नहीं दिखती.

कोरोना काल के चलते हुई है देरी : राजेश ठाकुर

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने माना कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के बनने में देर हुई है. उन्होंने इसके लिये कोरोना काल को जिम्मेदार माना है. लेकिन अब इस पर बातें होनी है. क्योंकि दो साल हो गये अब सीएमपी को लेकर को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन हो जाना चाहिये. वैसे मुख्यमंत्री से बात करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा. अगर देखा जाये तो सरकार कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत काम कर रही है. सरना कोड, ऋण माफी व पिछड़ों का आरक्षण मुद्रा भी कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत आपसी सहमति का ही हिस्सा है.

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कोरोना में ही फंसी रही सरकार : झामुमो

झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि पिछले दो सालों से सरकार कोरोना काल को लेकर फंसी रही. इसी वजह से देर हो गयी. लेकिन, अब सीएमपी को लेकर सरकार गंभीर है. इसको लेकर जल्द ही बैठक बुलायी जायेगी. कैसे क्या होगा सारा कुछ तय हो जायेगा.

सरकार जल्द ही इस पर पहल करेगी : राजद

राजद के प्रदेश प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार ने कहा कि पिछले दो सालों से सरकार कोरोना काल में ही उलझी हुई थी. लेकिन अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सीएमपी को लेकर गंभीर हैं, जल्द ही इस पर निर्णय ले ली जायेगी.

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Nayika

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