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पलामू : मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 1622 गांवों में हुई ग्रामसभा

रैयत समन्वय समितियों का गठन

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Palamu: मुख्यमंत्री कृषि अशीर्वाद योजना को लेकर पलामू जिले के सभी राजस्व गांवों में सोमवार को एक साथ ग्रामसभा हुई. इस दौरान रैयत समन्वय समितियों का गठन किया गया. प्रत्येक गांव में गठित समिति में पांच-पांच किसानों का चयन किया गया. रैयत समन्वय समिति के गठन के उपरांत डाटा बेस तैयार करने का काम किया जायेगा. 27 फरवरी तक किसानों का डाटा बेस तैयार कर लेने का निर्णय लिया गया.

किसानों को पांच हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से दिया जाना है

विदित हो कि मुख्यमंत्री कृषि आर्शीवाद योजना के तहत किसानों को खरीफ मौसम के लिए प्रति वर्ष प्रति एकड़ कृषि निवेश के लिए पांच हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिया जाना है. योजना को लेकर 15 जनवरी से ही प्रिंटेड प्री इनफारमेटिव नोटिस किसानों में तामिला करायी जा रही है. अब तक दो लाख नोटिस प्रिंट किए गये हैं, जबकि 40 हजार नोटिस का तामिला कराया जा चुका है. 22 जनवरी तक जिले के सभी साढ़े चार लाख किसान खाता धारकों के बीच नोटिस का तामिला कराया जायेगा.

सदर प्रखंड के 56 गांवों में हुई ग्रामसभा

सदर प्रखंड की 10 पंचायतों ( मेदिनीनगर नगर निगम के सिंगरा, बारोलोटा रेड़मा व सुदना) के कुल 56 राजस्व गांवों में रैयत समन्वय समिति का चयन सर्वसम्मति से किया गया. सदर सीओ शिवशंकर पांडेय ने बताया कि रैयत समन्वय समिति में एक अध्यक्ष के अलावा चार सदस्य का चयन किया गया है. चयनित पांच सदस्यीय कमिटी की अनुशंसा पर ही सरकार की महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की सरकारी राशि किसानों को दी जायेगी. उन्होंने बताया कि आमसभा सभी स्थानों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई. इस दौरान आम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को सरकार की इस नयी योजनाओं से अवगत कराया गया. उन्होंने बताया कि योजना के तहत सामान्य विवाद वाले जमीन पर भी राशि देय है. अगर विवाद ज्यादा है तो समिति जमीन की पूरी जानकारी अचंल कार्यालय को उपलब्ध करायेगी. अंचल कार्यालय सभी मामालों को गहनता से देखेगा. उन्होंने बताया कि योजना के तहत अधिकतम पांच एकड़ खेती योग्य भूमि पर 25 हजार राशि देने का प्रावधान है.

हैदरनगर के 57 गांवों में हुई आमसभा 

इधर, हैदरनगर अंचल के सभी 57 राजस्व गांवो में सोमवार को एक साथ ग्राम सभा का आयोजन किया गया. अंचल पदाधिकारी राहुल देव ने बताया कि सभी राजस्व गांवों में ग्रामसभा के सफल आयोजन के लिए आंगनबाड़ी सेविका, पंचायत सेवक, जनसेवक को अलग-अलग प्रतिनियुक्त किया गया था. सभी गांव के लिए पंचायत स्तर पर पर्यवेक्षक की प्रतिनियुक्ति की गयी थी.

57 गांव में ग्रामसभा के माध्यम से रैयत समनवय समितियों का गठन

सभी 12 ग्राम पंचायतों के 57 गांव में ग्रामसभा के माध्यम से रैयत समनवय समितियों का गठन किया गया है. अंचल पदाधिकारी राहुल देव ने बताया कि ग्रामसभा से चयनित रैयत समनवय समिति के सदस्यों को किसी प्रकार का मानदेय या भत्ता आदि देय नहीं होगा. समिति में शामिल सदस्यों का उपायुक्त तथा उपायुक्त के अधीन जिला प्रशासन के अन्य कर्मियों को ग्रामसभा के आयोजन, नोटिस का तामिला, दावा तथा आपत्ति प्राप्त करना एवं भविष्य में भुगतान के लिए कैंप आयोजित करने में सहयोग तक सीमित रहेगा. जिले के अन्य अंचलों में भी ग्रामसभा कर रैयत समन्वय समितियों का गठन किये जाने की सूचना है.

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