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उद्घाटन के 12 घंटे के बाद ही कोनार नहर तटबंध टूटा, सरकार ने की जांच कमेटी की घोषणा

Giridih : उतरी छोटानागपुर की अति महत्वाकांक्षी कोनार नहर सिचाई परियोजना का झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार 28 अगस्त को पूरे तामझाम के साथ उद्घाटन किया. उद्घाटन समारोह का आयोजन गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत कुसमरजा पंचायत के घोसको में किया गया था.

पहुंच रहे आला अधिकारी

उद्घाटन के 12 घंटे के बाद ही कोनार नहर तटबंध टूटने की घटना के बाद यहां आला दर्जे के अधिकारी तथा नेता पहुंच रहे हैं. 2176. 25 करोड़ की लागत की उक्त नहर के बनने में 40 साल से अधिक लग गये. नहर तटबंध टूटने से राज्य सरकार सकते में है. सरकार ने 24 घंटे के भीतर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब किया गया है. इसे लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों समेत जिला प्रशासन के अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं.

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इधर राजनीतिक दलों को भी सरकार पर हमले का मौका मिला हुआ है. नहर तटबंध टूटने पर किसानों को भारी क्षति पहुंची है. घटना के बाद से ही कुसमरजा पंचायत का यह गांव सुर्खियों में है. शुक्रवार को सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी से संबद्ध अधिकारी सुबह 8:00 बजे घोसको गांव पहुंचे और टूटे नहर तटबंध का मुआयना किया. नहर तटबंध 440 मीटर एरिया में टूटने की बात सामने आयी है.

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जल संसाधन विभाग से की रिपोर्ट तलब

सरकार ने जांच कमेटी की घोषणा कर दी और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब किया. जांच कमेटी द्वारा मामले की जांच के पूर्व जल संसाधन विभाग के रांची में बैठे अधिकारियों ने बगोदर में नहर तटबंध टूटने की घटना का दोषी चूहों को माना.

अधिकारियों के इस बयान के बाद कुसमरजा पंचायत के घोसको के लोग उबल पड़े. नहर की कच्ची तटबंध को चूहों के बिल के कारण नुकसान पहुंचने के बयान के फैलते ही किसानों में आक्रोश है और पीड़ित किसानों ने अधिकारियों के बयान को हास्यास्पद बताया.

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निरीक्षण को पहुंचे उपायुक्त राहुल सिन्हा

नहर तटबंध के टूटने के बाद विधायक नागेंद्र महतो, पूर्व विधायक विनोद सिंह व गौतम सागर राणा पहुंचे. वहीं उपायुक्त राहुल सिन्हा भी मौके पर पहुंचे और टूटे तटबंध व किसानों के फसलों की क्षति का मुआयना किया.

गौरतलब है कि उद्घाटन के बाद कोनार डैम से कोनार नहर में 14सौ कयूसेक पानी छोड़ा गया था. पानी के भारी दबाव को नहर का कच्चा तटबंध नहीं झेल पाया और टूट गया. लबालब भरी नहर 2 घंटे तक ओवरफ्लो के बाद रात करीब एक बजे टूट गयी. तटबंध टूटने से नहर का पानी कुसमरजा पंचायत के आधे दर्जन गांव के आसपास खेतों में पहुंच गया जिससे फसलों को भारी क्षति पहुंची.

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