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रेल पथों पर हाथियों एवं अन्य वन्य जीवों की मौत से सरकार चिंतित

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  • वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से रेलवे ने तैयार की कार्ययोजना
  • सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी

Ranchi : भारत सरकार हाल के वर्षों में रेल पथों पर हाथियों एवं अन्य वन्य जीवों की मौत में हो रही वृद्धि से चिंतित है.  इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से रेलवे के क्षेत्रीय कार्यालय लगातार प्रयास कर रहे हैं. राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार द्वारा पूछे गये एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल राज्यमंत्री राजेन गोहैन ने यह जानकारी दी.

नवंबर 2018 तक 34 हाथियों और अन्य वन्य जीवों की रेल पथों पर दुर्घटना से हुई मौत

गोहैन ने बताया कि वर्ष 2015 में रेलपथों पर मारे गये हाथियों सहित वन्य जीवों की संख्या 19 थी, जो 2016 में बढ़कर 29 हो गयी. 2017 में यह तादाद मामूली तौर पर घटकर 25 हुई, लेकिन वर्ष 2018 के नवंबर  महीने तक 34 हाथियों एवं अन्य वन्य जीवों की रेल पथों पर दुर्घटना की वजह से मौत हुई. गोहैन ने कहा कि रेल पथ पार करते समय वन्य जीवों और हाथियों की मौतों पर अंकुश लगाने के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सहयोग से क्षेत्रीय रेलों द्वारा एक कार्य-योजना तैयार की गयी है, जिसमें निम्‍नलिखित शामिल हैं-

  • पहचाने गये स्‍थानों में गति प्रतिबंध लगाना.
  • चिह्नि‍त हाथी गलियारों के बारे में रेल इंजन ड्राइवरों को सावधान करने के लिए संकेत चिह्न बोर्ड की व्यवस्था करना.
  • नियमित आधार पर ट्रेन कर्मी दल और स्टेशन मास्टरों को संवेदनशील बनाना.
  • रेलवे भूमि के अंदर रेल पथ के आस-पास वनस्पति की आवश्यकता अनुसार सफाई करना.
  • चिह्नित स्थलों पर हाथियों की आवाजाही के लिए भूमिगत मार्गों और रैम्प पथों का निर्माण करना.
  • सुनसान स्थलों पर बाड़ (फेंसिंग) लगाना, और
  • रेलवे के साथ संपर्क बनाये रखने के लिए रेलवे कंट्रोल ऑफिस में वन विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गयी है और स्‍टेशन मास्‍टर और रेल इंजन ड्राइवरों को सावधान करने और समय पर कार्रवाई करने के लिए वन विभाग द्वारा हाथी ट्रैकरों को तैनात किया गया है.

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