न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

राज्य के निजी सेल्फ-फाइनेंस्ड तकनीकी संस्थानों को सहायता अनुदान नहीं देगी सरकार

42

Ranchi : पहले से ही राज्य की शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने के आरोप झेल रही रघुवर सरकार ने गुरुवार को शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत राज्य सरकार अब झारखंड के निजी सेल्फ-फाइनेंस्ड तकनीकी संस्थानों को किसी भी तरह का सहायता अनुदान नहीं देगी. ऐसे संस्थानों को अनुदान सहायता देने संबंधी 2017 के अपने ही फैसले को रद्द करते रघुवर सरकार ने यह फैसला किया है. निजी तकनीकी संस्था चाहे इंजीनियरिंग कॉलेज हों या पॉलिटेक्निक, उन्हें झारखंड सरकार अब कोई सहायता अनुदान नहीं देगी. सरकार ने यह फैसला गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया. बैठक में कुल नौ प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी.

eidbanner

इन्फ्रास्ट्रक्चर और एक्सटेंशन के लिए करोड़ों रुपये देने की 2017 में कही गयी थी बात

कैबिनेट सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि राज्य सरकार ने 27 फरवरी 2017 को निजी सेल्फ-फाइनेंस्ड तकनीकी संस्थानों को इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये और उनके एक्सटेंशन के नाम पर अधिकतम छह करोड़ रुपये देने का संकल्प निकाला था. अपने इसी पुराने सकल्प को रद्द करने के प्रस्ताव को रघुवर सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति दे दी.

सरकार का तर्क- आस-पास के राज्यों में नहीं दी जाती ऐसी कोई सहायता

इस फैसले के पक्ष में सरकार का तर्क समझाते हुए कैबिनेट सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि ऐसा फैसला लेने से पहले बाकायदा समीक्षा की गयी है. समीक्षा के दौरान पाया गया कि झारखंड के आस-पास के राज्यों में चल रहे निजी संस्थानों को वहां की सरकारें ऐसी कोई सहायता नहीं देती है, इसलिए झारखंड में भी इसे रद्द कर दिया गया है.

mi banner add

ये हैं कैबिनेट की बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

  • राज्य के निजी स्ववित्तपोषित तकनीकी संस्थानों को राज्य सरकार द्वारा सहायता अनुदान प्रदान करने संबंधी विभागीय संकल्प-518 दिनांक 27.02.2017 को रद्द करने की स्वीकृति दी गयी.
  • झारखंड टेक्सटाइल एपेरल एवं फुटवेयर नीति 2016 में संशोधन की स्वीकृति दी गयी.
  • झारखंड राज्य खेल प्रोत्साहन समिति के पीएल खाता खोलने एवं संचालन से मुक्ति प्रदान करने के निमित्त झारखंड कोषागार संहिता के नियम 261(b) को शिथिल करने की स्वीकृति दी गयी.
  • पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर अंचल अंतर्गत मौजा भिलाईपहाड़ी में 0.65 एकड़ भूमि राशि 42,94,110 रुपये की अदायगी पर पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए वाहन आवागमन के उपयोग के लिए धरम कौर, पति- तसवीर सिंह, सा0- गोलमुरी के साथ 30 वर्षों के लिए लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गयी.
  • पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत अंचल जमशेदपुर मौजा सोनारी में 15.44 डिसमिल भूमि कुल देय राशि 3,72,16,337 रुपये की अदायगी पर जमशेदपुर शहरी गैस वितरण परियोजना के लिए गेल (इंडिया) लिमिटेड के साथ 30 वर्षों के लिए लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गयी.
  • राज्य के प्रमंडलीय मुख्यालयों पलामू, चाईबासा, हजारीबाग एवं दुमका में राजकीय फार्मेसी संस्थान की स्थापना की योजना के अधीन भवन निर्माण की योजना के लिए प्रति संस्थान 12,05,10,400 रुपये की दर से कुल 48,20,41,600 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी.
  • धनबाद जिला अंतर्गत अंचल निरसा में 7.23 एकड़ भूमि कुल देय राशि 2,35,37,784 रुपये मात्र की अदायगी पर 400/220 केवी सब-स्टेशन के निर्माण हेतु नॉर्थ कर्णपुरा ट्रांसको लिमिटेड (NKTL) के साथ 30 वर्षों के लिए लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गयी.
  • झारखंड भवन (संशोधन) उपविधि, 2018 की स्वीकृति दी गयी.
  • जल संसाधन विभाग अंतर्गत विशेष भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्यालयों के छटनीग्रस्त सेवारत कर्मियों की सेवा समाप्ति एवं पुनर्बहाली के बीच की अवधि के सेवा विनियमन एवं वेतन भुगतान की स्वीकृति दी गयी.

इसे भी पढ़ें- चार सालों में रघुवर सरकार ने अपने प्रचार-प्रसार में खर्च किए तीन अरब रुपए

इसे भी पढ़ें- पारा शिक्षकों की शिक्षा मंत्री नीरा यादव के साथ वार्ता विफल, जारी रहेगा आंदोलन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: