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स्टूडेंटस के संग मिल कर खूंटी को Tourist Hub बनायेगी सरकार 

Khunti : खूंटी में पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को बढ़ाने को सरकार नये सिरे से एक प्रयास शुरू कर रही है. वहां पर्यटन स्थलों के आधारभूत अनुसंधान के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है. खूंटी में जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में रुचि रखनेवाले स्टूडेंट्स या कैंडिडेट्स को इंटर्नशिप उपलब्ध कराया जायेगा. इसका असल उद्देश्य खूंटी के चयनित पर्यटन क्षेत्रों में आनेवाली चुनौतियों का आधारभूत अनुसंधान और उससे जुड़ी विस्तृत जानकारियों का संकलन करना है. इससे जिले में पर्यटन स्थलों की जरूरतों, जरूरी निर्माण, देखरेख और अन्य कार्यों में तेजी आयेगी.

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6 सप्ताह का इंटर्नशिप

खूंटी जिला प्रशासन के अनुसार इंटर्नशिप कार्यक्रम की अवधि 4 से 6 सप्ताह की होगी. सेलेक्टेड इंटर्न्स को उनके प्रवास के दौरान भोजन और रहने की सुविधा प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी. इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान इंटर्न्स को जिले के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाना है. प्रशासन के अनुसार इससे पर्यटन को प्रमोट करने के अलावा इससे संबंधित बेहतर समझ और जानकारियां प्राप्त करने का अवसर भी इंटर्न्स को मिलेगा. साथ ही पर्यटन क्षेत्रों के विकास में इनसे जिला प्रशासन को मदद भी मिलेगी. जो भी कैंडिडेट या विद्यार्थी खूंटी में टूरिस्ट स्थलों के विकास संबंधी कार्यक्रम में दिलचस्पी दिखाने में दिलचस्पी रखते हैं, वे अपना बायोडाटा जमा कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें स्वप्रमाणित प्रति और आधारकार्ड की प्रति इस ईमेल आइडी पर भेजनी होगी- nikhil@aspirationaldistricts-in/zpkhunti2018@gmail.com . आवेदन जमा करने के लिए 30 नवम्बर 2020 तक आखिरी तारीख तय की गयी है.

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उलिहातू के लिए बनेगा डीपीआर

खूंटी डीसी शशि रंजन मानते हैं कि टूरिज्म के जरिये न सिर्फ क्षेत्र विशेष की पहचान स्थापित होती है बल्कि ग्रामीणों को सीधा लाभ भी मिलता है. साथ ही रोजगार के अवसर भी खुलते हैं. इसे देखते हुए खूंटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए लगातार पहल हो रही है. भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली और ऐतिहासिक गांव उलिहातू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है. इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना के आधार पर कार्य किया जायेगा. उलिहातू को हेरिटेज विलेज के रूप में विकसित करने की भी योजना है. इस गांव के संबंध में जागरूक करने के लिए डॉक्यूमेंट्री बनायी जायेगी जिसमें गांव का इतिहास, बिरसा मुंडा के बलिदान, वहां की परंपरा और संस्कृति के बारे में जानकारियां होंगी. जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लतरातू डैम को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. अगला पर्यटन महोत्सव लतरातू डैम में मनाया जायेगा. पेरवाघाग, पंचघाघ, दशम फॉल, लटरजंग, पेलोल डैम आदि पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जायेगा.

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