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6 दशक से अधिक समय से आबाद हेसला पंचायत को उजाड़ कर इंडस्ट्रियल एरिया बनाएगी सरकार, राजभवन से ग्रामीणों ने लगाई फरियाद

Ranchi: हेसला पंचायत (पतरातू प्रखण्ड, रामगढ़) के ग्रामीणों ने अब राजभवन से अपने भविष्य के लिए फरियाद लगाई है. पूर्व सांसद रामटहल चौधरी के नेतृत्व में हेसला बचाओ संघर्ष समिति की ओर से एक प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल से इस संबंध में पहल करने का आग्रह किया है. इस पंचायत के पूर्व मुखिया वीरेंद्र झा, पूर्व वार्ड पार्षद झड़ी मुंडा, समाजसेवी संजय कुशवाहा, सुजीत पटेल, निरंजन लाल सहित अन्य ने राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर ग्रामीणों को उजड़ने से बचाने की गुहार की है. पूर्व सांसद ने राज्यपाल कै हेसला पंचायत की ज्वलंत समस्या के बारे में बताया. कहा कि यहाँ की समस्त जमीन को राज्य सरकार के द्वारा जियाडा को हस्तांतरित किया गया है. यहाँ रहने वाले लोग छह दशकों से भी अधिक समय से निवास करते रहे हैं. किसी प्रकार अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं. यहाँ के विस्थापित तथा आदिवासी परिवारों को आज तक पतरातू थर्मल प्लांट, पतरातू डैम और अन्य कार्यों के लिए
अधिगृहित जमीन का मुआवजा नहीं मिला है. स्थानीय दुकानदार अपने और अपने परिवार का भरण पोषण बेहद विपरीत परिस्थितियों में करते आए हैं. पंचायत के विभिन्न स्कूलों में बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. 14वीं और 15वें वित्त से करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य हुए हैं. हैं. पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, आँगनबाड़ी केन्द्र, महिला विकास भवन, सामुदायिक शौचालय भी बनाए गये हैं. ऐसे में सरकार का यह आदेश कि समस्त पंचायत की जमीन सरकर के द्वारा जियाडा (उद्योग विभाग, झारखंड) को दिया गया है, लोगों को इसे खाली करना होगा, यह
कहीं से भी न्यायोचित नही है. समूचे पंचायत को उजाड़ने से पहले कोई वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए या फिर स्थानीय लोगों को यहाँ जमीन लीज पर दे. ऐसा नहीं तो पूर्व की भाँति सरकार व्यवस्थित करे. सभी बातों को सुनने के पश्चात राज्यपाल ने आश्वस्त किया कि वे मुख्य सचिव से से बात कर लोगों की समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे.

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