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सरकार 129 ग्राम पंचायतों में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था करायेगी सुनिश्चित

पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से ईपीसी व्यवस्था के अंतर्गत होगा योजना का क्रियान्वयन, छह जिलों के 20 प्रखंडों की जनता होगी लाभान्वित

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Ranchi : झारखंड सरकार की तरफ से छह जिलों की 129 ग्राम पंचायतों में घर-घर पीने का पानी उपलब्ध कराया जायेगा. इसके लिए ग्राम पंचायतों का चयन कर वहां उच्च प्रवाही नलकूप (एचवाईडीटी) लगाया जायेगा. इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) के आधार पर एचवाईडीटी स्थापित किया जायेगा. गिरिडीह के बेंगाबाद और गांडेय, खूंटी के अड़की, कर्रा, मुरहू, खूंटी, रनिया और तोरपा, दुमका के जामा, जरमुंडी और रामगढ़, रांची जिले के नगड़ी और इटकी, लोहरदगा जिले के कुड़ू, किस्को और सेन्हा तथा पाकुड़ जिले के महेशपुर, पाकुड़ और पाकुड़िया में यह ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी. पेयजल और स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख तनवीर अख्तर की तरफ से योग्य कंपनियों से इनके लिए आवेदन भी मंगाये गये हैं. सरकार की तरफ से इन ग्राम पंचायतों से जुड़े गांवों के लिए चार सौ से अधिक एचवाईडीटी स्थापित किये जायेंगे. चयनित गांवों में 24 घंटे निर्बाध पानी की व्यवस्था बहाल हो सके, इसके लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश विभाग के संबंधित प्रमंडलों को दिये गये हैं. योजना के अंतर्गत 950 गांवों को लिया गया है.

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पूर्व में 10 हजार से अधिक एचवाईडीटी की स्थापना गांवों में की गयी है

राज्य सरकार की तरफ से 9500 से अधिक पंचायतों में अब तक 10 हजार से अधिक एचवाईडीटी की स्थापना की गयी है. इन नलकूपों की खासियत यह होती है कि इनमें पानी का प्रति घंटे का डिस्चार्ज पांच हजार लीटर से अधिक होता है. सभी एचवाईडीटी स्पॉट पर सरकार ने पानी के भंडारण के लिए दो-दो हजार लीटर की पानी की टंकी और सौर ऊर्जा पर आधारित मोटर पंप भी स्थापित कराया है. इन उच्च प्रवाही नलकूपों से न्यूनतम 25-25 घरों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन भी बिछायी गयी है. योजना के रख-रखाव की जिम्मेदारी वहां की ग्राम जल स्वच्छता समितियों को दी गयी है. यही समितियां पीने के पानी की आपूर्ति के एवज में सरकार को राजस्व भी उपलब्ध कराती हैं और योजना के रख-रखाव का पैसा भी इकट्ठा करती हैं. योजना में ग्रामीण स्तर पर जल सहिया को भी जोड़ा गया है, जिन्हें ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम और स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बनाया गया है.

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